Edited By Sarita Thapa,Updated: 07 Mar, 2026 12:30 PM

अमरीकी वैज्ञानिक बेंजामिन फ्रैंकलिन का शुरूआती जीवन चुनौतियों से भरा था। उन्हें हमेशा अपने भाई के ताने सुनने को मिलते थे। एक दिन अपने भाई के व्यवहार से तंग आकर उन्होंने अपना घर छोड़ दिया।
Benjamin Franklin Story : अमरीकी वैज्ञानिक बेंजामिन फ्रैंकलिन का शुरूआती जीवन चुनौतियों से भरा था। उन्हें हमेशा अपने भाई के ताने सुनने को मिलते थे। एक दिन अपने भाई के व्यवहार से तंग आकर उन्होंने अपना घर छोड़ दिया। वह बोस्टन से न्यूयॉर्क पहुंचे।
तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें कोई काम न मिला। आखिरकार कई जगह भटकने के बाद वह एक प्रैस में पहुंचे। वहां के कर्मचारियों ने उन्हें बताया कि यहां कोई काम नहीं मिल सकता। वहां से जब वह निराश लौट रहे थे, तभी प्रैस के मालिक ने उन्हें आवाज दी और कहा, "मेरी एक मशीन खराब पड़ी है, क्या तुम उसे ठीक कर सकते हो?"
मशीन को देखकर फ्रैंकलिन ने कहा, "मैं इसे ठीक तो कर सकता हूं, पर इसमें दिन भर लग सकता है।"

मालिक ने उन्हें दिन भर की मजदूरी देने का वादा किया, लेकिन बेंजामिन ने मशीन को दोपहर से पहले ही ठीक कर दिया। प्रैस मालिक ने उन्हें पूरे दिन की मजदूरी देकर विदा करना चाहा, पर फ्रैंकलिन ने यह कहकर आधे पैसे वापस कर दिए कि मैं आधे पैसों का ही हकदार हूं क्योंकि मैंने आधे दिन की मजदूरी की है।
उनकी इस बात का प्रैस मालिक पर गहरा असर पड़ा। उसने बेंजामिन को एक और बिगड़ी मशीन ठीक करने को दी। उस मशीन को ठीक करने के साथ ही बेंजामिन ने प्रैस मालिक का दिल भी जीत लिया।

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