Edited By Prachi Sharma,Updated: 28 Feb, 2026 03:48 PM

Inspirational Story : एक सेठ के पास खूब धन-सम्पत्ति थी किन्तु उसके मन को शान्ति न थी। एक दिन उसने एक साधु के बारे में सुना जो लोगों को ऐसा उपाय बताता था, जिससे सभी समस्याएं दूर हो जाती थीं।
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Inspirational Story : एक सेठ के पास खूब धन-सम्पत्ति थी किन्तु उसके मन को शान्ति न थी। एक दिन उसने एक साधु के बारे में सुना जो लोगों को ऐसा उपाय बताता था, जिससे सभी समस्याएं दूर हो जाती थीं।
सेठ उस साधु के पास जाकर बोला, “महाराज मेरे पास सुख के बहुत साधन हैं, लेकिन मन में शान्ति नहीं है।’’
साधु ने कहा, “जैसा मैं करूं उसे चुपचाप देखते रहना। इससे तुम्हें शान्ति की तरकीब मिल जाएगी।”
अगले दिन साधु ने सेठ को कड़ी धूप में बिठाए रखा और खुद कुटिया में चले गए। सेठ गर्मी से बेहाल हो गया, मगर चुप रहा।
दूसरे दिन साधु ने उसे कुछ भी खाने-पीने को नहीं दिया और स्वयं तरह-तरह के पकवान खाता रहा, सेठ इस दिन भी चुप रहा।
तीसरे दिन सेठ गुस्से में वहां से जाने लगा तो साधु बोला, “क्यों, क्या हुआ ?”
सुनकर सेठ बोला, “महाराज, मैं यहां बड़ी उम्मीद लेकर आया था, किन्तु मुझे यहां निराशा ही मिली।”
साधु ने कहा, “मैंने तो तुम्हें शान्ति का उपाय बता दिया था। पहले दिन जब तुम्हें धूप में बैठने के लिए कहा और मैं स्वयं कुटिया में बैठा तो, तुम्हें बताया कि मेरी छाया तुम्हारे काम नहीं आएगी। यह तुम्हें समझ नहीं आने पर तुम्हें भूखा रखा और खुद भरपेट खाया।
उससे तुम्हें समझाया कि मेरी साधना से तुम्हें सिद्धि नहीं मिलेगी। उसी तरह शान्ति भी तुम्हें अपनी मेहनत और पुरुषार्थ से ही मिलेगी। मैं तुम्हारे मन को शान्त नहीं कर सकता। उसके लिए तुम्हें खुद ही मन की शान्ति प्रदान करने वाले काम करने होंगे।”
यह सुनकर सेठ की आंखें खुल गईं और वह साधु से आशीर्वाद लेकर अपने घर चला गया।