Edited By Sarita Thapa,Updated: 12 Jan, 2026 11:24 AM

त्रिवेणी संगम के तट पर चल रहे माघ मेले में वैसे तो हजारों शिविर लगे हैं, लेकिन एक कैंप ऐसा है जहां जाते ही आपका नाम बदल जाता है। यहां आने वाले हर भक्त को खुद बाबा 'फटीचर' कहकर पुकारते हैं।
Magh Mela 2026 : त्रिवेणी संगम के तट पर चल रहे माघ मेले में वैसे तो हजारों शिविर लगे हैं, लेकिन एक कैंप ऐसा है जहां जाते ही आपका नाम बदल जाता है। यहां आने वाले हर भक्त को खुद बाबा 'फटीचर' कहकर पुकारते हैं। संगम की रेती पर फटीचर बाबा का यह कैंप इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर जमीन तक चर्चा का विषय बना हुआ है।
क्यों पड़ा यह अजीबोगरीब नाम ?
बाबा का तर्क बड़ा ही आध्यात्मिक और गहरा है। उनके अनुसार, इंसान जब दुनिया की चकाचौंध और अहंकार में डूबा रहता है, तभी वह खुद को बड़ा समझता है। लेकिन जब वह ईश्वर की शरण में आता है, तो उसे अपनी असलियत यानी फटीचर भाव में आना चाहिए। बाबा का कहना है कि जो खुद को 'फटीचर' मान लेता है, उसी का अहंकार मिटता है और उसे ईश्वर की प्राप्ति होती है।
भक्तों की उमड़ रही भीड़
हैरानी की बात यह है कि अपना नाम 'फटीचर' कहलाने में भक्तों को कोई बुराई नहीं लग रही, बल्कि वे इसे बाबा का आशीर्वाद मान रहे हैं। शिविर में आने वाले लोग बताते हैं कि यहाँ का माहौल बहुत ही सरल और आडंबरहीन है। बाबा के पास आने वाले अमीर-गरीब, सभी को एक ही नाम 'फटीचर' से संबोधित किया जाता है, जो समानता का संदेश देता है।
शिविर में क्या है खास?
बाबा का पूरा कैंप साधारण है, यहां किसी भी तरह की वीआईपी सुविधा नहीं है। यहां दिन भर भजनों की गूंज रहती है और बाबा अपने अनोखे अंदाज में लोगों को मोह-माया त्यागने की सीख देते हैं। मेले में आने वाले युवा बाबा के साथ सेल्फी ले रहे हैं और उनके 'फटीचर' दर्शन को जमकर शेयर कर रहे हैं।
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