Khatu Shyam Mela 2026 : शांति का रंग या चमत्कार की गूंज ? जानिए सूरजगढ़ के सफेद निशान का वो चमत्कार जिसने इतिहास बदल दिया

Edited By Updated: 27 Feb, 2026 02:26 PM

khatu shyam mela 2026

खाटू श्याम जी के फाल्गुनी लक्खी मेले में लाखों भक्त रंग-बिरंगे निशान लेकर पहुंचते हैं, लेकिन इन सबके बीच सूरजगढ़ का सफेद निशान सबसे विशिष्ट और रहस्यमयी माना जाता है।

Khatu Shyam Mela 2026 : खाटू श्याम जी के फाल्गुनी लक्खी मेले में लाखों भक्त रंग-बिरंगे निशान लेकर पहुंचते हैं, लेकिन इन सबके बीच सूरजगढ़ का सफेद निशान सबसे विशिष्ट और रहस्यमयी माना जाता है। इस निशान का इतिहास केवल आस्था से ही नहीं, बल्कि एक ऐसे चमत्कार से भी जुड़ा है जिसने ब्रिटिश शासन की नींव हिला दी थी। तो आइए जानते हैं इस सफेद निशान के पीछे छुपे इतिहास के बारे में- 

Khatu Shyam Mela 2026

क्या है सूरजगढ़ के 'सफेद निशान' का इतिहास ?
यह परंपरा करीब 350 साल पुरानी है। झुंझुनूं जिले के सूरजगढ़ से आने वाला यह निशान खाटू श्याम जी के मेले में पहुंचने वाला सबसे प्रमुख और प्राचीन निशान माना जाता है। जहां अन्य भक्त सतरंगी या लाल-पीले निशान चढ़ाते हैं, वहीं सूरजगढ़ के भक्त केवल सफेद रंग का ध्वज लेकर पदयात्रा करते हैं।

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वो चमत्कार जिससे डर गई थी अंग्रेजी हुकूमत
यह घटना उस समय की है जब भारत पर अंग्रेजों का शासन था। लोक मान्यताओं के अनुसार, एक बार अंग्रेज अधिकारियों ने सूरजगढ़ के भक्तों की इस पदयात्रा और निशान ले जाने पर रोक लगाने की कोशिश की। उन्हें लगा कि यह भीड़ विद्रोह कर सकती है। किंवदंती है कि जब भक्तों को रोका गया, तब बाबा श्याम के चमत्कार से अंग्रेज सैनिकों की बंदूकें जाम हो गई और घोड़े आगे बढ़ने से रुक गए। भक्तों का कहना है कि उस समय निशान का रंग अपने आप बदल गया और शांति के प्रतीक सफेद रंग में तब्दील हो गया। जब अंग्रेज अफसरों ने इस अलौकिक शक्ति को देखा, तो वे डर गए और न केवल रास्ता दिया, बल्कि खुद भी नतमस्तक हो गए। तब से इस निशान को 'विजय का प्रतीक' और 'अजेय निशान' माना जाने लगा।

इस निशान की खास विशेषताएं
खाटू पहुंचने पर सबसे पहले सूरजगढ़ के इसी सफेद निशान की विशेष पूजा की जाती है। मंदिर के शिखर पर इसे चढ़ाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। सूरजगढ़ से यह निशान एक अखंड ज्योति के साथ रवाना होता है। हज़ारों श्रद्धालु नंगे पैर गाजे-बाजे के साथ बाबा के जयकारे लगाते हुए खाटू धाम पहुंचते हैं। सफेद रंग को बाबा श्याम के प्रति पूर्ण समर्पण और शांति का प्रतीक माना जाता है। भक्तों का विश्वास है कि जो इस सफेद निशान के दर्शन कर लेता है, उसके जीवन के सभी कष्ट मिट जाते हैं।

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