दिवाली पर अपनों को मेवों का डिब्बा भेंट करने की तैयारी है तो इस बार जेब कुछ ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है। राजधानी के बाजारों में बादाम, काजू, पिस्ता और अखरोट जैसे मेवों की कीमतें गुणवत्ता, ब्रांड और किस्म के हिसाब से अलग-अलग हैं।
नई दिल्ली (ज्ञानप्रकाश/नवोदय टाइम्स): दिवाली पर अपनों को मेवों का डिब्बा भेंट करने की तैयारी है तो इस बार जेब कुछ ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है। राजधानी के बाजारों में बादाम, काजू, पिस्ता और अखरोट जैसे मेवों की कीमतें गुणवत्ता, ब्रांड और किस्म के हिसाब से अलग-अलग हैं। वहीं, घी, खोया और मिठाइयों की कीमतों में बढ़ोतरी का असर त्योहार की खरीदारी पर पड़ रहा है। दूसरी ओर, मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच खाद्य सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ी है। दिल्ली के निहाल विहार और मोरी गेट खोया मंडी में हाल ही में हुई कार्रवाई में 922 किलो मिठाइयां और अन्य खाद्य सामग्री नष्ट की गई।
ऐसे में इस दिवाली ग्राहकों के सामने दोहरी चुनौती है, बढ़ती कीमतों के बीच बजट संभालना और खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना।
घी, खोया और मिठाई भी बजट बिगाड़ रहे
मेवों के साथ घी और दूध से बनी मिठाइयों की लागत भी चिंता का विषय है। बाजार से मिले शुरुआती भावों के मुताबिक, खुले बाजार में देसी घी 700 से 800 रुपए किलो और खोया 350 से 400 रुपए किलो तक बताया जा रहा है। काजू कतली 1,100 से 1,200 रुपए किलो, मिल्क केक 650 रुपए किलो और गुलाब जामुन करीब 400 रुपए किलो तक बिक रहा है। इन कीमतों की पुष्टि अलग-अलग दुकानों से की गई है। दक्षिण भारत की डेयरी कंपनी ने भी घी सहित कई उत्पादों के दाम बढ़ाए हैं। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, 100 मिलीलीटर घी का पैक 80 रुपए से बढ़ाकर 95 रुपए किया गया है।
पिछले साल के मुकाबले कितना बढ़ा खर्च
मेवा:
दिवाली 2025 के बताए गए भाव
दिवाली 2026 के बताए गए भाव
अमेरिकी बादाम
1,100
1,150–1,400
छिलके वाला पिस्ता
1,650
1,900–2,200
पेशावरी पिस्ता
2,800
लगभग ₹4,000
काजू
950
1,000–1,200
अखरोट की गिरी
1,350
लगभग ₹1,500
किशमिश
480
लगभग ₹550
अंजीर
1,500
लगभग ₹1,700
नोट: ये नट्स थोक मार्केट समिति से उपलब्ध कराए गए बाजार भाव हैं, आधिकारिक औसत खुदरा दरें नहीं। अलग-अलग ग्रेड और दुकानों पर कीमतें बदल सकती हैं।
यह भी: इन भावों के आधार पर पेशावरी पिस्ता और छिलके वाले पिस्ते में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हालांकि, सभी मेवों के दाम 70 प्रतिशत तक बढ़ने की बात कहने के लिए समान गुणवत्ता वाले उत्पादों के पिछले और मौजूदा भावों का सत्यापन जरूरी है। कीमतों पर आयात लागत, आपूर्ति, मालभाड़े और बाजार की मांग का असर पड़ सकता है।
खारी बावली में मेवों की कीमतों पर नजर
पुरानी दिल्ली का खारी बावली बाजार सूखे मेवों के प्रमुख थोक कारोबार केंद्रों में शामिल है। यहां से दिल्ली-एनसीआर के खुदरा कारोबारियों को भी माल की आपूर्ति होती है। दिवाली के आसपास उपहार के लिए पैक किए गए मेवों और मिठाइयों की मांग बढ़ने से बाजार में खरीदारी तेज हो जाती है। हालांकि, कीमतें मेवे की किस्म, आकार, गुणवत्ता, पैकेजिंग और खरीद की मात्रा पर निर्भर करती हैं।
एक नजर में: कारोबारी स्तर पर उपलब्ध कराए गए शुरुआती भावों के अनुसार, अमेरिकी बादाम 1,150 से 1,400 रुपए किलो, छिलके वाला पिस्ता 1,900 से 2,200 रुपए किलो, काजू 1,000 से 1,200 रुपए किलो, अखरोट की गिरी करीब 1,500 रुपए किलो, किशमिश 550 रुपए किलो और अंजीर करीब 1,700 रुपए किलो तक बताई जा रही है। पेशावरी पिस्ता जैसी विशेष किस्मों के भाव 4,000 रुपये किलो तक पहुंचने का दावा है। ये भाव बाजार में स्वतंत्र रूप से सत्यापित किए जाने चाहिए और इन्हें सभी दुकानों पर लागू दर नहीं माना जा सकता।
ग्राहक कैसे रखें अपनी सेहत का ध्यान
खरीदारी करते समय मेवे और मिठाइयां साफ-सुथरी दुकान से लें। पैक किए गए उत्पादों पर निर्माता का नाम, पैकिंग और उपयोग की तारीख, बैच नंबर तथा अन्य जरूरी विवरण देखें। बिल जरूर लें और असामान्य रूप से सस्ते उत्पादों से सावधान रहें। मेवों पर कृत्रिम रंग, असामान्य गंध, नमी या फफूंद दिखाई देने पर उन्हें न खरीदें।
खोये या मिठाई की शुद्धता केवल देखकर, सूंघकर या घरेलू आयोडीन परीक्षण से पूरी तरह सुनिश्चित नहीं की जा सकती। किसी उत्पाद में मिलावट की आशंका हो तो उसका सेवन न करें और खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत करें। किसी नमूने में स्टार्च या अन्य मिलावट की पुष्टि के लिए उपयुक्त जांच जरूरी है।
दिवाली की खरीदारी में समझदारी जरूरी:
दिल्ली में त्योहार का बाजार रौनक से भरा है, लेकिन महंगे मेवे और मिठाइयां खरीदते समय तुलना करना, सही मात्रा चुनना और गुणवत्ता को प्राथमिकता देना जरूरी है। खारी बावली के थोक भावों से लेकर चांदनी चौक की मिठाई दुकानों तक, ग्राहकों को कीमत और गुणवत्ता दोनों की जांच करनी चाहिए। त्योहार की मिठास तभी कायम रहेगी, जब खरीदारी जेब के अनुकूल होने के साथ सुरक्षित भी हो।
खाद्य विभाग की कार्रवाई: अधिकारी के अनुसार त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग बढ़ने पर उत्पादन, भंडारण और बिक्री की निगरानी महत्वपूर्ण हो जाती है। दिल्ली के खाद्य सुरक्षा विभाग ने हाल ही में निहाल विहार और मोरी गेट खोया मंडी में कार्रवाई की। निहाल विहार में 13 ठिकानों की जांच के दौरान 402 किलो खाद्य सामग्री नष्ट की गई। इसमें 265 किलो रसगुल्ले, 45 किलो छेना, 80 किलो मिल्क केक और 12 किलो कद्दूकस किया हुआ नारियल शामिल था।