Edited By Pardeep,Updated: 30 Oct, 2026 06:01 AM

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्सप्रेसवे पर गाड़ी चलाने वाले चालकों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि एक्सप्रेसवे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे (kmph) की रफ्तार तक चलने वाले वाहनों को ओवरस्पीडिंग के...
नई दिल्ली: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्सप्रेसवे पर गाड़ी चलाने वाले चालकों को बड़ी राहत दी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि एक्सप्रेसवे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे (kmph) की रफ्तार तक चलने वाले वाहनों को ओवरस्पीडिंग के चालान न भेजे जाएं। 'भारतीय उद्योग परिसंघ' (CII) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि 120 kmph से ऊपर 20 प्रतिशत तक अधिक गति होने पर भी चालकों को जाने दिया जाना चाहिए और केवल इससे अधिक रफ्तार होने पर ही जुर्माना लगाया जाना चाहिए।
एक्सप्रेसवे पर अनचाहे चालान रोकने का प्रयास, 144 kmph तक मिल सकती है छूट
नितिन गडकरी ने बताया कि इस निर्देश का मुख्य उद्देश्य दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे जैसे मार्गों पर चालकों को मिलने वाले अनावश्यक नोटिसों को कम करना है, जहां वर्तमान में स्पीड लिमिट 100 से 120 kmph के बीच है। 20 प्रतिशत के इस अतिरिक्त मार्जिन का मतलब यह होगा कि 120 kmph की सीमा वाले एक्सप्रेसवे पर लगभग 144 kmph की रफ्तार तक चालान नहीं कटेगा। हालांकि, मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह टिप्पणी एक्सप्रेसवे पर प्रवर्तन (enforcement) के संदर्भ में की गई थी, न कि औपचारिक स्पीड लिमिट बदलने के रूप में।
हाईवे पर लेन अनुशासन के लिए लगेगा AI आधारित एटीएमएस सिस्टम
हाईवे नेटवर्क को बेहतर बनाने पर जोर देते हुए केंद्रीय मंत्री ने उद्योग जगत से एआई-आधारित एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) को लागू करने में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि एआई आधारित यह तकनीक सड़कों पर लेन अनुशासन (lane discipline) के उल्लंघनों का पता लगाने और यातायात नियमों के क्रियान्वयन को मजबूत करने में काफी मददगार साबित होगी।
E20 पेट्रोल के विरोध को बताया 'पेड प्रोपेगैंडा'
कार्यक्रम के दौरान नितिन गडकरी ने E20 पेट्रोल की आलोचनाओं का भी कड़ा जवाब दिया और इसके खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों को 'पेड प्रोपेगैंडा' (प्रायोजित दुष्प्रचार) करार दिया। उन्होंने कहा, "2022 से 4 करोड़ कारें और 20 करोड़ दोपहिया वाहन E20 ईंधन पर चल रहे हैं। तीन महीने पहले इथेनॉल पर काफी हल्ला मचाया गया था, लेकिन अब सब शांत हो गया है। क्या 2022 से चल रहे किसी वाहन में इसके कारण कोई खराबी आई है? यह पूरी तरह से पेड प्रोपेगैंडा था"।
E100 ईंधन को मिली मंजूरी
केंद्रीय मंत्री का यह बयान सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में किए गए उस संशोधन के ठीक एक दिन बाद आया है, जिसके तहत फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को 100 प्रतिशत इथेनॉल वाले ईंधन (E100) पर चलने की अनुमति दी गई है।