Edited By Prachi Sharma,Updated: 05 Mar, 2026 04:25 PM

Gangaur 2026 Date: गणगौर का त्योहार राजस्थान और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व चैत्र मास की प्रतिपदा से शुरू होकर 18 दिनों तक चलता है, जिसका समापन चैत्र शुक्ल तृतीया को मुख्य पूजा और विसर्जन के साथ होता है।
शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
Gangaur 2026 Date: गणगौर का त्योहार राजस्थान और उत्तर भारत के कई हिस्सों में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। यह पर्व चैत्र मास की प्रतिपदा से शुरू होकर 18 दिनों तक चलता है, जिसका समापन चैत्र शुक्ल तृतीया को मुख्य पूजा और विसर्जन के साथ होता है।
गणगौर 2026 की महत्वपूर्ण तिथियां
मुख्य गणगौर पूजा (तीज): 21 मार्च 2026, शनिवार
गणगौर पूजन का प्रारंभ: 4 मार्च 2026 (होली के अगले दिन से)
तृतीया तिथि प्रारंभ: 21 मार्च 2026 को रात 02:30 AM (ब्रह्म मुहूर्त के पास) से
तृतीया तिथि समाप्त: 21 मार्च 2026 को रात 11:56 PM तक
पूजा का शुभ मुहूर्त
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गणगौर की पूजा सुबह सूर्योदय के समय करना सबसे श्रेष्ठ माना जाता है।
प्रातः काल पूजा मुहूर्त: सुबह 06:18 AM से 08:42 AM तक (यह समय पूजा के लिए अत्यंत शुभ है)।
विजय मुहूर्त: दोपहर 01:00 PM से 01:45 PM तक।
अमृत काल (शाम का समय): शाम 05:57 PM से 07:26 PM तक।
Gangaur festival गणगौर पर्व की मुख्य बातें
18 दिनों की साधना: नवविवाहित महिलाएं पूरे 18 दिनों तक व्रत रखती हैं, जबकि अन्य सुहागिन महिलाएं अंतिम कुछ दिनों या केवल मुख्य दिन व्रत करती हैं।
ईसर-गौरी की पूजा: इस दिन भगवान शिव (ईसर जी) और माता पार्वती (गौरी जी) की मिट्टी की मूर्तियों की पूजा की जाती है।
सोलह श्रृंगार: महिलाएं इस दिन पूर्ण सोलह श्रृंगार करती हैं और अपने पति की लंबी आयु व अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं।
विसर्जन और शोभायात्रा: मुख्य पर्व (21 मार्च) की शाम को माता गौरी की भव्य शोभायात्रा निकाली जाती है और उसके बाद मूर्तियों को पवित्र नदी या तालाब में विसर्जित (विदा) किया जाता है।