Edited By Sarita Thapa,Updated: 22 Jun, 2026 02:58 PM

भारतीय संस्कृति में पेड़-पौधों को सकारात्मक ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत माना गया है। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर पौधों को सही दिशा और सही नियम के साथ न रखा जाए, तो वे बढ़ने के बजाय मुरझाने लगते हैं।
Gardening Vastu tips : भारतीय संस्कृति में पेड़-पौधों को सकारात्मक ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत माना गया है। लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर पौधों को सही दिशा और सही नियम के साथ न रखा जाए, तो वे बढ़ने के बजाय मुरझाने लगते हैं। घर में गार्डनिंग करते हैं या गार्डनिंग करने के बारे में सोच रहे हैं। तो आइए जानते हैं गार्डनिंग से जुड़े वो जरूरी वास्तु नियम, जो आपके गार्डन को हरा-भरा बनाने के साथ-साथ घर में सुख-समृद्धि भी लाएंगे।
पौधों के लिए सबसे बेस्ट दिशा कौन सी है?
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के उत्तर और पूर्व कोने को पौधों के लिए सबसे शुभ माना गया है। इस दिशा में छोटे पौधे, तुलसी, पुदीना या रंग-बिरंगे फूलों वाले पौधे लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इस दिशा से आने वाली सुबह की धूप पौधों की ग्रोथ के लिए भी बेस्ट होती है।
भूलकर भी इस दिशा में न रखें बड़े पेड़
अगर आप अपने गार्डन या बालकनी में बड़े और भारी पौधे रखना चाहते हैं, तो उन्हें हमेशा दक्षिण या पश्चिम दिशा में जगह दें। उत्तर या पूर्व दिशा में भारी पौधे रखने से घर की सकारात्मक ऊर्जा का रास्ता रुक जाता है, जिससे पौधों की ग्रोथ पर भी असर पड़ता है।

काट-छांट है बेहद जरूरी
वास्तु कहता है कि घर में कभी भी सूखे या मुरझाए हुए पत्ते नहीं होने चाहिए। अगर किसी पौधे की पत्तियां पीली पड़ रही हैं या टहनियां सूख रही हैं, तो उन्हें तुरंत काटकर अलग कर दें। सूखे पौधे घर में मानसिक तनाव और नकारात्मकता लाते हैं, साथ ही यह बाकी बचे हुए स्वस्थ पौधे की ग्रोथ को भी रोक देते हैं।
कांटेदार और दूध वाले पौधों से बनाएं दूरी
अक्सर लोग सजावट के लिए घर में कैक्टस या बोनसाई रख लेते हैं। वास्तु के अनुसार, कैक्टस जैसे कटीले पौधे और ऐसे पौधे जिनकी टहनी तोड़ने पर सफेद दूध जैसा पदार्थ निकलता है, उन्हें घर की बालकनी या गार्डन में नहीं रखना चाहिए। ये पौधे आपसी रिश्तों में खटास लाते हैं और इनकी खुद की ग्रोथ भी एक समय के बाद रुक जाती है।

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