Gupt Navratri 2026: गुप्त नवरात्रि में भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना अधूरी रह सकती है पूजा

Edited By Updated: 19 Jan, 2026 11:48 AM

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Gupt Navratri 2026 Start And End Date: आज यानी 19 जनवरी 2026 से माघ मास की गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ हो गया है। पंचांग के अनुसार यह पावन पर्व 27 जनवरी 2026 तक चलेगा। गुप्त नवरात्रि को सामान्य नवरात्रि से अलग माना जाता है, क्योंकि यह उत्सव नहीं बल्कि...

Gupt Navratri 2026 Start And End Date: आज यानी 19 जनवरी 2026 से माघ मास की गुप्त नवरात्रि का शुभारंभ हो गया है। पंचांग के अनुसार यह पावन पर्व 27 जनवरी 2026 तक चलेगा। गुप्त नवरात्रि को सामान्य नवरात्रि से अलग माना जाता है, क्योंकि यह उत्सव नहीं बल्कि संयम, साधना और आत्मिक शुद्धि का पर्व है।

शास्त्रों के अनुसार, इन नौ दिनों में मां दुर्गा की दस महाविद्याओं की गुप्त रूप से उपासना की जाती है, जिनका संबंध तंत्र, मंत्र, योग और आध्यात्मिक उन्नति से है। लेकिन कई बार जानकारी के अभाव में भक्त पहले ही दिन कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जिससे उनकी साधना और पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं हो पाता।

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गुप्त नवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व
सनातन परंपरा में नवरात्रि केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आत्मा को जाग्रत करने और भीतर की ऊर्जा को संतुलित करने का समय मानी जाती है। गुप्त नवरात्रि विशेष रूप से उन साधकों के लिए महत्वपूर्ण है, जो दिखावे से दूर रहकर एकांत, मौन और अनुशासन के साथ देवी उपासना करना चाहते हैं। इस नवरात्रि में बाहरी आडंबर से अधिक मन, विचार, वाणी और कर्म की शुद्धता को महत्व दिया जाता है।

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Gupt Navratri First Day Mistakes: पहले दिन भूलकर भी न करें ये काम
साधना को सार्वजनिक करना

गुप्त नवरात्रि की सबसे पहली और महत्वपूर्ण शर्त है गोपनीयता। यदि आप किसी मंत्र जप, अनुष्ठान या विशेष साधना का संकल्प ले रहे हैं, तो उसके बारे में किसी को बताने से बचें। मान्यता है कि साधना जितनी गुप्त रखी जाती है, उसका प्रभाव उतना ही अधिक होता है।

वाणी पर नियंत्रण न रखना
पहले दिन संकल्प लेते समय मन को शांत और स्थिर रखें।
क्रोध, झगड़ा, अपशब्द और नकारात्मक विचारों से दूरी बनाएं।
घर में कलह और कटु वाणी देवी की साधना में बाधा उत्पन्न करती है।

तामसिक भोजन का सेवन
गुप्त नवरात्रि में सात्विकता का विशेष महत्व है। प्याज, लहसुन, मांस, मदिरा और अत्यधिक मसालेदार भोजन से पूरी तरह परहेज करें। व्रत न रखने वाले लोगों को भी घर में तामसिक भोजन नहीं बनाना चाहिए। शास्त्रों में कहा गया है जैसा अन्न, वैसा मन। अशुद्ध भोजन साधना में मन भटकता है।

ब्रह्मचर्य का पालन न करना और आलस्य
इन नौ दिनों में शारीरिक और मानसिक ब्रह्मचर्य का पालन करना आवश्यक माना गया है। दिन में सोने से बचें। आलस्य, प्रमाद और असंयम साधना की ऊर्जा को कमजोर कर देते हैं।

बाल, दाढ़ी या नाखून काटना
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के दौरान बाल कटवाना, नाखून काटना, दाढ़ी बनवाना अशुभ माना जाता है। यह साधना और व्रत की पवित्रता को प्रभावित कर सकता है।

गुप्त नवरात्रि 2026 देवी दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त करने का दुर्लभ अवसर है। यदि पहले ही दिन संयम, नियम और शुद्ध आचरण का पालन किया जाए, तो साधना पूर्ण फल देती है। छोटी-छोटी गलतियों से बचकर श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई पूजा साधक के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है।

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