Edited By Niyati Bhandari,Updated: 01 Apr, 2026 01:21 PM

Hanuman Jayanti 2026 Date: हिंदू धर्म में हनुमान जयंती का पर्व अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है। यह दिन भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जो शक्ति, भक्ति, साहस और निस्वार्थ सेवा के प्रतीक हैं।
Hanuman Jayanti 2026 Date: हिंदू धर्म में हनुमान जयंती का पर्व अत्यंत शुभ और पवित्र माना जाता है। यह दिन भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जो शक्ति, भक्ति, साहस और निस्वार्थ सेवा के प्रतीक हैं।
पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में हनुमान जयंती 2 अप्रैल, गुरुवार को मनाई जाएगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार हनुमान जयंती पर कई शुभ और दुर्लभ संयोग बन रहे हैं, जो भक्तों के लिए विशेष फलदायी सिद्ध होंगे। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा और सरल उपाय भी जीवन के बड़े से बड़े कष्टों को दूर कर सकते हैं।
हनुमान जयंती पर करें ये आसान उपाय
हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ
इस दिन हनुमान चालीसा का 1, 3 या 7 बार पाठ करना अत्यंत शुभ माना जाता है। सुंदरकांड का पाठ करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है और संकट दूर होते हैं।

तुलसी के पत्ते अर्पित करें
हनुमान जी को तुलसी के पत्ते अर्पित करना मनोकामना पूर्ति का विशेष उपाय माना जाता है।

सरसों के तेल का दीपक जलाएं
शाम के समय सरसों के तेल का दीपक जलाने से घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता का संचार होता है।

गुड़-चना या केले का भोग लगाएं
हनुमान जी को गुड़-चना या केले का भोग लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे भगवान प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर कृपा बरसाते हैं।

शनि दोष से राहत के लिए करें पूजा
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी की उपासना करने से शनि के दुष्प्रभाव कम होते हैं और जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
सिंदूर और चमेली का तेल अर्पित करें
हनुमान जी को सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाने के बाद हनुमान चालीसा का पाठ करने से विशेष लाभ मिलता है और सभी प्रकार की परेशानियां दूर होती हैं।

हनुमान जयंती का धार्मिक महत्व
भगवान हनुमान को भगवान श्रीराम का परम भक्त और ‘संकटमोचन’ कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि वे आज भी पृथ्वी पर विराजमान हैं और अपने भक्तों की हर संकट में रक्षा करते हैं।
इस दिन उनकी पूजा करने से भय, रोग, कर्ज, शत्रु बाधा और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। हनुमान जयंती का पर्व भक्तों के लिए शक्ति, साहस और भक्ति का प्रतीक है।
