Edited By Niyati Bhandari,Updated: 01 Apr, 2026 01:21 PM

Hanuman Jayanti 2026: हिंदू धर्म में हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान राम के परम भक्त Hanuman की पूजा-अर्चना पूरे विधि-विधान के साथ की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से बजरंगबली की उपासना करता है, उसके...
Hanuman Jayanti 2026: हिंदू धर्म में हनुमान जयंती (Hanuman Jayanti) का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान राम के परम भक्त हनुमान जी Hanuman की पूजा-अर्चना पूरे विधि-विधान के साथ की जाती है। धार्मिक मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन से बजरंगबली की उपासना करता है, उसके सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
शास्त्रों में हनुमान जी को कलयुग का देवता माना गया है। मान्यता है कि वे आज भी पृथ्वी पर जीवित हैं और भगवान श्रीराम की भक्ति में लीन रहते हैं।
कलयुग में भी जीवित हैं हनुमान जी
धर्म शास्त्रों के अनुसार, हनुमान जी Hanuman ji को अमरता का वरदान प्राप्त है, जिसके कारण उन्हें चिरंजीवी कहा जाता है। वे भगवान शिव के रुद्रावतार माने जाते हैं और हर युग में पृथ्वी पर उनका अस्तित्व बना रहता है। कलयुग में हनुमान जी की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है, क्योंकि वे अपने भक्तों के कष्टों को शीघ्र दूर करने वाले देवता हैं।

गंधमादन पर्वत पर करते हैं निवास
पौराणिक कथाओं के अनुसार, हनुमान जी वर्तमान समय में गंधमादन पर्वत Gandhamadan Parvat पर निवास कर रहे हैं। यह पर्वत कैलाश पर्वत के उत्तर दिशा में सुमेरु पर्वत के पास स्थित माना जाता है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह स्थान कैलाश मानसरोवर Kailash Mansarovar और बद्रीनाथ धाम Badrinath Dham के बीच स्थित है और इसे सिद्ध ऋषि-मुनियों की तपोभूमि माना जाता है। यहां यक्ष, किन्नर, अप्सराएं और दिव्य शक्तियों का वास बताया जाता है।

श्रीराम ने दिया था धरती पर रहने का आदेश
पौराणिक कथा के अनुसार, जब भगवान राम Lord Rama पृथ्वी से बैकुंठ लोक के लिए प्रस्थान कर रहे थे, तब उन्होंने हनुमान जी को पृथ्वी पर ही रहने का आदेश दिया था, ताकि वे अपने भक्तों की सहायता करते रहें। इसी कारण माना जाता है कि हनुमान जी आज भी इस लोक में उपस्थित हैं और अपने भक्तों की रक्षा करते हैं।

महाभारत में भी मिलता है उल्लेख
महाभारत Mahabharata में भी गंधमादन पर्वत का उल्लेख मिलता है। कथा के अनुसार, यहीं पर हनुमान जी ने पांडु पुत्र भीम का अहंकार तोड़ा था और उन्हें अपनी शक्ति का एहसास कराया था।
भक्ति से दूर होते हैं सभी संकट
धार्मिक मान्यता है कि जो भक्त सच्चे मन और श्रद्धा से हनुमान जी की पूजा करता है, उसके जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं। हनुमान जी अपने भक्तों को भय, रोग और दुखों से मुक्त करते हैं।
