Jagannath Rath Yatra 2026: पुरी में रथयात्रा के दौरान भगदड़ जैसे हालात, 2 श्रद्धालुओं की मौत

Edited By Updated: 17 Jul, 2026 09:09 AM

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बारिश से प्रभावित ओडिशा के पुरी में बृहस्पतिवार को रथयात्रा के दौरान अचानक भीड़ बढ़ने और भगदड़ जैसे हालात बनने से 2 श्रद्धालुओं की मौत हो गई तथा 5 अन्य बीमार हो गए। वहीं अमित शाह तड़के ‘मंगला आरती’ में शामिल हुए।

पुरी (एजैंसी): बारिश से प्रभावित ओडिशा के पुरी में बृहस्पतिवार को रथयात्रा के दौरान अचानक भीड़ बढ़ने और भगदड़ जैसे हालात बनने से 2 श्रद्धालुओं की मौत हो गई तथा 5 अन्य बीमार हो गए। वहीं अमित शाह तड़के ‘मंगला आरती’ में शामिल हुए। मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि उत्सव के दौरान 7 लोग अस्वस्थ हो गए थे और उन्हें बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाया गया। बयान में कहा गया, ‘इनमें 60 वर्ष से अधिक उम्र के एक पुरुष श्रद्धालु की दुर्भाग्यवश मौत हो गई। संबंधित अधिकारी उनकी मौत के सही कारण का पता लगा रहे हैं।’ 

इसमें कहा गया, ‘इसके अलावा एक अन्य असंबंधित घटना में 35 वर्ष से अधिक उम्र के एक पुरुष श्रद्धालु को दिल का दौरा पड़ा और तत्काल चिकित्सा सहायता दिए जाने के बावजूद उनकी मौत हो गई।’ 

मुख्यमंत्री कार्यालय ने कहा कि बारिश के कारण अस्वस्थ हुए कई श्रद्धालुओं का अस्पतालों में उपचार किया गया और बाद में उन्हें छुट्टी दे दी गई। उसने कहा कि श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ और लगातार बारिश के कारण दिनभर में थकान, शरीर में पानी की कमी, दम घुटने और स्वास्थ्य संबंधी मामूली परेशानियों के मामले सामने आए। राज्य सरकार ने दावा किया कि उत्सव कुल मिलाकर ‘शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और बेहतर प्रबंधन के साथ’ सम्पन्न हुआ तथा भगदड़ या भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था पूरी तरह चरमराने की कोई घटना नहीं हुई। 

अधिकारियों ने कहा, ‘प्रशासन, सुरक्षा एजैंसियों, सेवादारों और स्वयंसेवकों के तालमेल से श्रद्धालुओं का आवागमन निर्बाध रूप से जारी रहा।’ 

उन्होंने कहा कि पूरे उत्सव के दौरान स्थिति सामान्य रही और सभी आवश्यक सेवाएं प्रभावी ढंग से काम करती रहीं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, देश-विदेश से आए ‘आठ से नौ लाख श्रद्धालु’ मंदिर नगरी में आयोजित वार्षिक रथयात्रा में शामिल हुए। अग्निशमन सेवा के महानिरीक्षक उमाशंकर दाश ने इससे पहले कहा था कि ‘बड़ा डंडा’ पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। इसी मार्ग से रथों को श्री गुंडिचा मंदिर ले जाया जाता है, जिसे भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का जन्मस्थान माना जाता है। दाश ने संवाददाताओं से कहा, ‘हमने भीड़ में दम घुटने से अस्वस्थ हुए करीब 100 लोगों को बाहर निकाला। उन्हें अस्थायी अस्पतालों और एम्बुलैंस तक पहुंचाया गया। इससे श्रद्धालुओं को राहत मिली।’ 

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