Jupiter Transit 2026 in Cancer : कर्क में गुरु, कुंभ राशि वालों की बदलेगी तकदीर

Edited By Updated: 21 May, 2026 05:27 PM

यह साल  2026 का सबसे बेस्ट गोचर होने जा रहा है। गुरु उच्च के होने जा रहे हैं। गुरु कर्क राशि में आएंगे। ऐसा इवेंट 12 साल बाद होता है। क्योंकि गुरु का जो राशि चक्र है, गुरु एक साल में राशि पूरी करते हैं।

Jupiter Transit 2026 in Cancer : यह साल  2026 का सबसे बेस्ट गोचर होने जा रहा है। गुरु उच्च के होने जा रहे हैं। गुरु कर्क राशि में आएंगे। ऐसा इवेंट 12 साल बाद होता है। क्योंकि गुरु का जो राशि चक्र है, गुरु एक साल में राशि पूरी करते हैं। 12 साल बाद घूम के अपनी कर्क राशि यानी कि जो उच्च राशि है वहां पर आते हैं। तो इस साल यह अच्छी चीज होने जा रही है। यह ब्लेसिंग वाली चीज है। बहुत सारी राशियों के लिए ब्लेसिंग वाली चीज है। गुरु कर्क में आएंगे 2 जून को। हालांकि गुरु एक साल में एक राशि पूरी करते हैं। लेकिनकि गुरु इन दिनों शीघ्रगामी गति से चल रहे हैं।

गुरु इसी साल में ही 31 अक्टूबर को सिंह में आ जाएंगे दोबारा। ऐसा नहीं है कि गुरु का गोचर छ महीने का हो गया या पांच महीने का हो गया। 2 जून को आए जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्टूबर पांच महीने का। ये ऐसा ऐसा नहीं होता। यहां पर सिंह में आएंगे, वक्री होंगे, मार्गी होंगे 24 जून को फिर 24 जनवरी को 2027 को फिर दोबारा कर्क में आ जाएंगे। फिर रहेंगे 24 जून तक कर्क में। जनवरी के 24 दिन है। इन तीन महीनों में सिंह में रहेंगे। लेकिन टोटल कर्क राशि में ही 9 महीने रहेंगे। तो यहां पर गुरु के इस गोचर का क्या फल होगा इस पे विचार करेंगे। लेकिन गुरु का जो गोचर होता है वह पांच राशियों के लिए अच्छा होता है। और यह जो वीडियो आप देखेंगे इस वीडियो को आप देखेंगे चंद्र कुंडली के लिहाज से। गुरु का गोचर कुंडली में दूसरे भाव में, पांचवें भाव में, सातवें भाव में, नौवें भाव में और 11व भाव में अच्छा होता है। गुरु इतने इंपॉर्टेंट ग्रह हैं। आपकी कुंडली में 12 भाव होते हैं। दूसरा भाव धन का भाव होता है। उसके कारक गुरु है। पांचवा इजी गेंस का बुद्धि विवेक का भाव होता है। उसके कारक गुरु है। हायर एजुकेशन का यह भाव होता है। उसके कारक गुरु है। नाइंथ हाउस आपका भाग्य स्थान होता है। अध्यात्म से जुड़ा हुआ भाव भाव होता है। आपकी लाइफ में जितना भी कुछ आता है, यह नाइंथ हाउस सबसे बेस्ट भाव होता है कुंडली का। 

उसके कारक गुरु हैं। 11वां भाव जो आपकी आय का भाव होता है उसके कारक गुरु हैं। यदि यह गुरु अच्छे गोचर में रहते हैं तो कितना फायदा मिलता है? आप इसका अंडरस्टैंडिंग कर सकते हैं। क्योंकि ज्ञान के कारक, संतान के कारक, धन के कारक, भाग्य के कारक सबके कारक गुरु ही है। तो गुरु का यह गोचर 12 राशियों के लिए कैसा फल लेकर आएगा। इस वीडियो में इसके ऊपर चर्चा करेंगे। तो बने रहिए इस वीडियो में। लगातार अंत तक। आपको आपकी राशि के बारे में सब कुछ बताया जाएगा कि कहां पर गुरु की दृष्टि आएगी। किसके लिए फल अच्छा रहेगा, किसके लिए फल खराब रहेगा। यह 12 राशियों के ऊपर इसके ऊपर चर्चा करेंगे। तो, आपने यह समझा कि गुरु कितने इंपॉर्टेंट हैं। चार घरों के कारक हैं गुरु। लेकिन कुंभ राशि को देखते हैं, तो आय स्थान और धन स्थान के स्वामी भी गुरु हैं। तो, कुंभ राशि के जातकों के लिए कैसा रहने वाला है यह गोचर? वीडियो में आगे देखते हैं। तो, बात करते हैं कुंभ राशि के जातकों की। कुंभ राशि के जातकों के लिए गुरु आय और धन दोनों भावों के स्वामी होते हैं। यह बहुत इंपॉर्टेंट ग्रह है आपके लिए क्योंकि दोनों के कारक भी गुरु होते हैं। आपके लिए तो दोनों के स्वामी भी गुरु हैं। लेकिन यहां पर क्या हो रहा है? गुरु छठे में गोचर करेंगे। छठे का गोचर गुरु का अच्छा नहीं होता। 

शास्त्र के मुताबिक तो अच्छा नहीं होता। लेकिन जहां पर गुरु की दृष्टि है, वहां पर आपको थोड़े से फल बेटर मिलते हुए नजर आ सकते हैं। इससे सबसे पहले तो यह काम करिएगा उधार मत दीजिएगा। किसी की लीगल या फाइनेंसियल गारंटी मत लीजिएगा क्योंकि छठा एक्टिव हो गया ना तो यह गोचर अच्छा नहीं है। आय भाव का स्वामी धन भाव का स्वामी छठे में चला गया। यदि कोई पैसा लेने आएगा छठा रोग का भाव होता है। ऋण का होता है, शत्रु का होता है। उसको पैसा देंगे पैसा फंस जाएगा। तो यह काम मत करिएगा। यह आपके लिए अच्छा नहीं है। गुरु की पांचवी दृष्टि जाएगी आपके कर्म स्थान के ऊपर। जहां पर पड़ी है आपकी मंगल की वृश्चिक राशि। तो यह कर्म स्थान के ट्रायंगल को एक्टिव करेगा एक तरीके से। तो कारोबार में वृद्धि करेगा। आपके लिए चीजें थोड़ी सी जो फ्रंट के ऊपर अच्छी होती हुई नजर आएंगी और आपको कर्म में यानी कि कारोबार में या आपके वर्क प्लेस के ऊपर आपका प्रभाव बढ़ाने का काम करेगा। आप कोई भी काम करते हैं, कारोबार करते हैं, नौकरी करते हैं, फ्रीलांस का काम करते हैं। यहां पर आपको उसके बेटर फल मिलते हुए नजर आएंगे। यदि आपका काम विदेश से जुड़ा हुआ है। मान लीजिए आप फॉरेक्स का काम कर रहे हैं, इमीग्रेशन का काम कर रहे हैं। आप स्टडी अब्रॉड का काम कर रहे हैं या फिर आप सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का काम कर रहे हैं। विदेशों में एक्सपोर्ट इंपोर्ट करते हैं। किसी एमसी के एमएसी के साथ काम कर रहे हैं तो वहां पर आपको चीजें बेटर होती हुई नजर आएंगी। क्योंकि गुरु की दृष्टि यहां पर रहेगी। 12व भाव के ऊपर। 

विदेश यात्रा का भी योग जो है वह बनता है क्योंकि 12वां भाव एक्टिव हो गया गुरु के द्वारा। गुरु की दृष्टि आएगी धन भाव के ऊपर। अपने भाव को देख रहे हैं। अब देखिए इसी का नेगेटिव फल यह है कि किसी को पैसे नहीं देने। इसी का पॉजिटिव फल यह है कि धन के फ्लो को थोड़ा सा मेंटेन रखेंगे। यहां पर धन भाव के ऊपर गुरु की दृष्टि का मतलब यह है कि धन भाव आपका एक्टिव रहेगा। कुटुंब भाव भी होता है। यहां पर कुटुंब में वृद्धि कर सकता है। हो सकता है कि फैमिली फंक्शनंस बहुत ज्यादा हो जाए। इस साल में आपको आपका आना-जाना बहुत अच्छा हो जाए या कुटुंब के साथ कोई अह रिलेशनशिप नहीं है। मींस आप रिलेशनशिप में दिक्कत आ रही है तो वहां पर भी चीज़ें जो है वह आपको पॉजिटिव होती हुई नज़र आएंगी। तो कुंभ राशि के जातक जो हैं उनके लिए आय भाव और धन भाव का स्वामी होकर गुरु छठे में है। इस लिहाज से अच्छा नहीं है कि पैसा देंगे तो डूब जाएगा। लेकिन इस लिहाज से अच्छा है कि धन भाव के ऊपर गुरु की दृष्टि है। आय में थोड़ी सी बाधा जरूर आ सकती है क्योंकि आय भाव से अष्टम में गोचर कर रहा है। तो वह थोड़ा सा आपके लिए मैटर ऑफ कंसर्न रहेगा। कुछ-कुछ बीच में गड़बड़ होगी मनी के फ्लो में। लेकिन धन भाव के ऊपर क्योंकि गुरु की दृष्टि है तो धन का संचय आपका होता रहेगा। तो यह रहेगा कुंभ राशि के जातकों के लिए गुरु के गोचर का फल। यदि आपकी कुंडली में गुरु की स्थिति कमजोर है तो गुरु की स्थिति को इंप्रूव करने के लिए कुछ रेमेडीज शास्त्रों में दी गई है।

उपाय- यदि आपकी कुंडली में गुरु की स्थिति कमजोर है तो गुरु की स्थिति को इंप्रूव करने के लिए कुछ रेमेडीज शास्त्रों में दी गई है तो वो रेमेडीज जरूर करनी चाहिए। मान लीजिए आपका गुरु, राहु, केतु एक्सिस पे है। गुरु लग्न कुंडली के छठे, आठवें, 12वें में पड़ा हुआ है। गुरु शनि मंगल से पीड़ित है या गुरु खराब स्थिति में है, तो आपको गुरु की रेमेडीज जरूर करनी चाहिए। अपने टीचर की रिस्पेक्ट करिए। दूसरा गुरु की रेमेडी होती है। गुरु ज्ञान के कारक है। तो किसी एक बच्चे को आप स्टडी में हेल्प करिए। कोई मैटर नहीं करता कि आप किस तरीके से हेल्प कर रहे हैं। आप उसको अपनी नॉलेज शेयरिंग के रूप में भी कर सकते हैं। कोई बच्चा मान लीजिए कोई पढ़ना चाहता है। उसको आपके पास समय है। आप उसको एक सब्जेक्ट में असिस्ट कर सकते हैं। ₹10 की पेंसिल लेके दे सकते हैं। स्कूल का बैग लेके दे सकते हैं। स्कूल की यूनिफार्म ले लेके दे सकते हैं। स्टेशनरी लेके दे सकते हैं। या उसकी स्टडी में हेल्प कर सकते हैं। किसी को ज्ञान देना, किसी को ज्ञान में हेल्प करना यह गुरु का काम है। गुरु के जो मंत्र्रास होते हैं ओम ब्रह्म बृहस्पताए नमः उसका जप किया जा सकता है। पीली चीजों का दान कर सकते हैं। गुरु का स्टोन पहन सकते हैं। आपके पास पैसा है तो पुखराज पहन लीजिए। लेकिन पुखराज तभी पहनिएगा यदि आपकी कुंडली में गुरु 6, 8, 12 में नहीं बैठे। यदि 6, 8, 12 में बैठे हैं, तो गुरु की यह रेमेडी मत करिएगा। 

नरेश कुमार
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