Kashi Vishwanath Mandir : महाशिवरात्रि पर काशी में 10 लाख श्रद्धालुओं के लिए खास इंतजाम, जानें कब और कितनी देर होंगे बाबा के दर्शन ?

Edited By Updated: 10 Feb, 2026 08:21 AM

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Kashi Vishwanath Mandir : महाशिवरात्रि हर साल फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव ने शिवलिंग के रूप में प्रकट होकर संसार को दर्शन दिए थे। इसी वजह से यह...

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Kashi Vishwanath Mandir : महाशिवरात्रि हर साल फाल्गुन महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव ने शिवलिंग के रूप में प्रकट होकर संसार को दर्शन दिए थे। इसी वजह से यह पर्व शिव भक्तों के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन छोटे-बड़े सभी शिव मंदिरों में उत्सव का माहौल रहता है। खासकर काशी स्थित बाबा विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। महाशिवरात्रि पर बाबा का विशेष श्रृंगार किया जाता है और उन्हें दूल्हे के रूप में सजाया जाता है, जो भक्तों के लिए आकर्षण का केंद्र होता है।

इस साल भी वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में लगभग 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने पहले से ही व्यापक इंतजाम किए हैं, ताकि सभी भक्तों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से दर्शन मिल सकें।

10 लाख श्रद्धालुओं के लिए खास व्यवस्था
मंदिर प्रशासन के मुताबिक, इस बार बड़ी संख्या में भक्त बाबा के दर्शन के लिए आएंगे। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं। इस अवसर पर पुष्पवर्षा की भी व्यवस्था रहेगी। पूरे आयोजन की निगरानी वरिष्ठ अधिकारी और प्रशासनिक टीम मिलकर करेगी, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

36 घंटे से अधिक समय तक होंगे दर्शन
15 फरवरी की सुबह 2:15 बजे मंगला आरती से पूजा-अर्चना की शुरुआत होगी, जो 3:15 बजे तक चलेगी। इसके बाद 3:30 बजे मंदिर के कपाट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। इसके बाद लगातार दर्शन की व्यवस्था बनी रहेगी। 16 फरवरी की रात लगभग 11 बजे शयन आरती के बाद मंदिर के कपाट बंद किए जाएंगे। इस तरह भक्तों को करीब 36 घंटे से ज्यादा समय तक लगातार बाबा के दर्शन का अवसर मिलेगा।

गर्भगृह में प्रवेश की अनुमति नहीं
महाशिवरात्रि के दिन भक्तों को पांच अलग-अलग प्रवेश द्वारों से मंदिर में प्रवेश कराया जाएगा। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए किसी भी श्रद्धालु को गर्भगृह में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। भक्त दूर से ही झांकी दर्शन और जलाभिषेक कर सकेंगे। इस दौरान स्पर्श दर्शन भी पूरी तरह बंद रहेगा।

प्रोटोकॉल दर्शन रहेंगे स्थगित
भारी भीड़ को देखते हुए इस दिन सभी तरह के प्रोटोकॉल दर्शन पर रोक लगाई गई है। किसी भी विशेष श्रेणी को अलग से सुविधा नहीं मिलेगी। सभी भक्तों को सामान्य लाइन में लगकर ही बाबा के दर्शन करने होंगे।

स्वास्थ्य और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में सेवादार पूरे समय तैनात रहेंगे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिग-जैक बैरिकेडिंग लगाई गई है, जिससे दर्शन व्यवस्था सुचारु रूप से चल सके। इसके साथ ही, 24 घंटे आपातकालीन सेवाओं के लिए डॉक्टरों की तैनाती भी की गई है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

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