Edited By Sarita Thapa,Updated: 25 Feb, 2026 08:08 AM

काशी विश्वनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि के बाद सबसे बड़े पर्व रंगभरी एकादशी की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस साल प्रशासन और मंदिर प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं।
Kashi Vishwanath Mandir news : काशी विश्वनाथ मंदिर में महाशिवरात्रि के बाद सबसे बड़े पर्व रंगभरी एकादशी की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस साल प्रशासन और मंदिर प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। पूर्व महंत के आवास से निकलने वाली भगवान शिव और माता पार्वती की पालकी के साथ केवल 64 चिन्हित व्यक्तियों को ही मंदिर परिसर के अंदर जाने की अनुमति होगी। इन व्यक्तियों के लिए विशेष पास जारी किए जाएंगे, ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो और मंदिर के अंदर भगदड़ जैसी स्थिति न बने। यह निर्णय पूर्व महंत परिवार और प्रशासन के बीच हुई बैठक में लिया गया है।
मंदिर के मुख्य परिसर के अंदर मोबाइल फोन पूरी तरह वर्जित रहेंगे। यदि कोई मोबाइल के साथ पाया जाता है, तो उसे तुरंत जब्त कर लिया जाएगा। हालांकि, मंदिर के बाहर शिवार्चनम मंच और मंदिर चौक जैसे खुले क्षेत्रों में मोबाइल ले जाने की छूट रहेगी। पिछली घटनाओं को रोकने के लिए इस बार अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी। पालकी मार्ग की संकरी गलियों में भीड़ न बढ़ाने और व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है। मंदिर न्यास की ओर से भक्तों के लिए ठंडई, जलपान और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विशेष प्रबंध किया गया है। पालकी को पारंपरिक विधि-विधान के साथ गर्भगृह में स्थापित किया जाएगा।
धार्मिक महत्व
यह मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर विवाह के बाद, इसी दिन भगवान शिव माता पार्वती का गौना कराकर पहली बार काशी नगरी लाए थे। इसी खुशी में काशीवासी अबीर-गुलाल उड़ाकर बाबा का स्वागत करते हैं, जिसे होली की औपचारिक शुरुआत माना जाता है।
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