Edited By Sarita Thapa,Updated: 07 Feb, 2026 09:18 AM

हारे का सहारा कहे जाने वाले बाबा श्याम के दरबार में आने वाले भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। हाल ही में राजस्थान पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो प्रसिद्ध होटलों और धर्मशालाओं के नाम पर फर्जी वेबसाइट चलाकर श्रद्धालुओं से लाखों...
Khatu Shyam Ji Hotel Booking Scam : हारे का सहारा कहे जाने वाले बाबा श्याम के दरबार में आने वाले भक्तों की आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है। हाल ही में राजस्थान पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो प्रसिद्ध होटलों और धर्मशालाओं के नाम पर फर्जी वेबसाइट चलाकर श्रद्धालुओं से लाखों की ठगी कर रहा था। ठगों का जाल इतना गहरा है कि वे गूगल पर विज्ञापन (Ads) चलाकर अपनी फर्जी साइट को सबसे ऊपर दिखाते हैं, जिसे भक्त असली समझकर एडवांस पेमेंट कर देते हैं।
ठग कैसे बुनते हैं अपना जाल ?
फर्जी वेबसाइट: ठग असली होटल के नाम से मिलती-जुलती वेबसाइट बनाते हैं और उसमें असली फोटो व एड्रेस डाल देते हैं।
गूगल मैप्स से छेड़छाड़: गूगल मैप्स पर मौजूद होटलों की लिस्टिंग में 'सजेस्ट एन एडिट' फीचर का उपयोग कर अपना मोबाइल नंबर अपडेट कर देते हैं।
QR कोड का खेल: फोन पर बातचीत के दौरान डिस्काउंट का लालच देकर तुरंत QR कोड भेजते हैं और 50% से 100% तक एडवांस मांगते हैं।
पहुंचते ही स्विच ऑफ: जैसे ही भक्त पैसे भेजता है, नंबर ब्लॉक कर दिया जाता है और खाटू पहुंचने पर भक्त को पता चलता है कि उसकी कोई बुकिंग है ही नहीं।
सुरक्षित बुकिंग के लिए 5 जरूरी बातें
सर्च इंजन के Ads से बचें: गूगल पर सबसे ऊपर दिखने वाले उन लिंक पर क्लिक न करें जिनके साथ Sponsored या Ad लिखा हो।
पेमेंट गेटवे का ही उपयोग करें: सीधे किसी के व्यक्तिगत नंबर पर UPI या QR कोड से पैसा न भेजें। हमेशा आधिकारिक बुकिंग पोर्टल या बैंक ट्रांसफर का उपयोग करें।
रिव्यू और रेटिंग की जांच: केवल एक वेबसाइट पर भरोसा न करें। गूगल रिव्यू, ट्रिप एडवाइजर और अन्य प्लेटफॉर्म्स पर उस होटल के पुराने रिव्यू जरूर पढ़ें।
डायरेक्ट कॉल और वेरिफिकेशन: बुकिंग करने से पहले होटल के लैंडलाइन नंबर या पुलिस द्वारा वेरिफाइड आधिकारिक हेल्पलाइन से नंबर क्रॉस-चेक करें।
GST बिल की मांग: बुकिंग करते समय हमेशा GST इनवॉइस मांगें। ठग आमतौर पर पक्का बिल देने से कतराते हैं।
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