Khatu Shyam Mela : 21 फरवरी से सजेगा खाटूश्याम जी का फाल्गुन मेला, जानें दर्शन के लिए खास ट्रैफिक प्लान

Edited By Updated: 04 Feb, 2026 10:47 AM

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खाटूश्यामजी के भक्तों के लिए फाल्गुन मास का सबसे बड़ा उत्सव दस्तक दे रहा है। राजस्थान के सीकर जिले में स्थित बाबा श्याम के दरबार में 21 फरवरी 2026 से वार्षिक लक्खी मेले का आगाज होने जा रहा है।

Khatu Shyam Mela : खाटूश्यामजी के भक्तों के लिए फाल्गुन मास का सबसे बड़ा उत्सव दस्तक दे रहा है। राजस्थान के सीकर जिले में स्थित बाबा श्याम के दरबार में 21 फरवरी 2026 से वार्षिक लक्खी मेले का आगाज होने जा रहा है। प्रशासन और मंदिर कमेटी ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए इस बार व्यवस्थाओं में कई बड़े बदलाव किए हैं।

मेले का कार्यक्रम और मुख्य तिथियां

मेला प्रारंभ: 21 फरवरी 2026 (शनिवार)।

मेला समापन: 28 फरवरी 2026।

लक्खी मेला : 27 फरवरी 2026 फाल्गुन शुक्ल एकादशी। इस दिन बाबा श्याम का जन्मदिन मनाया जाता है और सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ती है। इस बार मेले की अवधि को 12 दिन से घटाकर 8 दिन कर दिया गया है ताकि सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन बेहतर तरीके से हो सके।

नया ट्रैफिक और दर्शन प्लान
प्रशासन ने जीरो रिस्क नीति अपनाते हुए यातायात और दर्शन के लिए विशेष गाइडलाइन जारी की है। जाम से बचने के लिए इस बार तकनीकी का सहारा लिया गया है। श्रद्धालु मुख्य रास्तों पर लगे QR कोड को स्कैन कर सीधे खाली पार्किंग स्थल तक पहुंच सकेंगे। मेले के दौरान किसी भी प्रकार के VIP दर्शन की अनुमति नहीं होगी। केवल आवश्यक सरकारी प्रोटोकॉल को छोड़कर सभी भक्त सामान्य कतारों से ही दर्शन करेंगे।

दर्शन के बाद भीड़ न फंसे, इसके लिए निकास के रास्तों की संख्या बढ़ाई गई है। अब काला भवन के साथ-साथ गुवाड़ चौक की ओर भी रास्ते डाइवर्ट किए गए हैं। पदयात्रियों के लिए रिंगस से खाटू तक के मार्ग पर विशेष सुरक्षा घेरा बनाया गया है। भारी वाहनों का प्रवेश मेला क्षेत्र में पूरी तरह वर्जित रहेगा। मेले की निगरानी के लिए 5000 से ज्यादा जवान तैनात रहेंगे और पूरे रास्ते को CCTV कैमरों से लैस किया गया है।

श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सलाह
सुरक्षा कारणों से सभी भक्तों को अपना पहचान पत्र साथ रखना जरूरी है। होटलों और धर्मशालाओं में बिना आईडी प्रवेश नहीं मिलेगा।

रेलवे की विशेष तैयारी
खाटू मेले के लिए भारतीय रेलवे ने भी कमर कस ली है। उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा 20 से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। रिंगस जंक्शन से हर 20 मिनट में श्रद्धालुओं को ट्रेन की सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

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