Edited By Prachi Sharma,Updated: 28 Jan, 2026 10:07 AM

Khatu Shyam Lakhi Mela 2026 : विश्व प्रसिद्ध बाबा श्याम का फाल्गुनी मेला इस वर्ष 21 फरवरी से आरंभ होगा। बीते वर्षों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार मेले की अवधि को चार दिन कम किया गया है। मेला शुरू होने से पहले श्री श्याम मंदिर कमेटी और जिला...
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Khatu Shyam Lakhi Mela 2026 : विश्व प्रसिद्ध बाबा श्याम का फाल्गुनी मेला इस वर्ष 21 फरवरी से आरंभ होगा। बीते वर्षों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए इस बार मेले की अवधि को चार दिन कम किया गया है। मेला शुरू होने से पहले श्री श्याम मंदिर कमेटी और जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
लगातार बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए इस बार भक्तों की सुविधा के लिए कई नई व्यवस्थाएं लागू की जा रही हैं। प्रशासन का अनुमान है कि इस साल फाल्गुनी मेले में 30 लाख से ज्यादा श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं। इसी कारण मेले की व्यवस्थाओं का दायरा पहले से अधिक बढ़ाया जा रहा है।
इस बार विशेष रूप से भंडारों और सेवा शिविरों की अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। अब भंडारा या सेवा कैंप लगाने के इच्छुक लोगों को अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। वे केवल अपने मोबाइल फोन से ही अनुमति प्राप्त कर सकेंगे।
दरअसल, फाल्गुन मेला देश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में गिना जाता है, जहां बड़ी संख्या में उद्योगपति, सामाजिक संगठन और सेवाभावी संस्थाएं श्रद्धालुओं के लिए भोजन और सेवा कैंप आयोजित करती हैं। इसके लिए प्रशासन की अनुमति अनिवार्य होती है, जो तय मानकों के आधार पर दी जाती है।
प्रशासन ने इस वर्ष निर्णय लिया है कि भंडारों और सेवा कैंप से जुड़ी सभी अनुमतियां केवल ‘श्याम सारथी पोर्टल’ के माध्यम से ही जारी की जाएंगी। आयोजकों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा और आवेदन की स्थिति भी पोर्टल पर ही देखी जा सकेगी। इस तरह पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी और अनुमति मोबाइल से ही मिल सकेगी।
श्याम सारथी पोर्टल के जरिए न केवल अनुमतियां जारी की जाएंगी, बल्कि मेले से जुड़ी व्यवस्थाओं की निगरानी भी की जाएगी, ताकि समय रहते किसी भी समस्या का समाधान किया जा सके।
सफाई और सुरक्षा अनिवार्य
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भंडारा या सेवा कैंप लगाने वाले आयोजकों को साफ-सफाई की पूरी जिम्मेदारी निभानी होगी। इसके साथ ही फायर सेफ्टी और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरण भी उपलब्ध कराने होंगे। मेले के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीमें नियमित रूप से निरीक्षण करेंगी। यदि किसी आयोजन में कमी पाई गई, तो आयोजक को उसे तुरंत दुरुस्त करना अनिवार्य होगा।