Edited By Sarita Thapa,Updated: 02 Mar, 2026 10:11 AM

सीकर के खाटू श्याम वार्षिक फाल्गुन मेले 2026 के समापन पर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जहां प्रशासन और मंदिर कमेटी को इस बार 30 से 35 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद थी, वहीं वास्तविक आंकड़ा उम्मीद से काफी कम रहा।
Khatu Shyam Ji mandir news : सीकर के खाटू श्याम वार्षिक फाल्गुन मेले 2026 के समापन पर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। जहां प्रशासन और मंदिर कमेटी को इस बार 30 से 35 लाख श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद थी, वहीं वास्तविक आंकड़ा उम्मीद से काफी कम रहा। खाटू श्याम जी के इस साल के लक्खी मेले में आस्था और अर्थव्यवस्था के बीच एक बड़ा अंतर देखने को मिला। मेले के अंत तक लगभग 18.5 लाख श्रद्धालुओं ने ही बाबा के दर्शन किए, जो कि अनुमानित लक्ष्य 30 लाख से बहुत कम है।
क्या रही कम भीड़ की वजह ?
सोशल मीडिया पर फैली कुछ भ्रामक जानकारियों और "कड़े नियमों" की अफवाहों ने कई श्रद्धालुओं को कदम पीछे खींचने पर मजबूर कर दिया। भीड़ कम होने का सबसे बुरा असर स्थानीय व्यापारियों पर पड़ा है। होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं में इस बार काफी कमरे खाली रहे।
दुकानदारों का कहना है कि उनकी बिक्री पिछले वर्षों के मुकाबले केवल 20-30% ही रही। बाबा श्याम को अर्पित किए जाने वाले फूलों का बाजार भी इस बार मुरझाया नजर आया। मांग कम होने से बड़ी मात्रा में फूल रखे-रखे खराब हो गए। रींगस से खाटू धाम तक की खराब सड़कों और कंकड़-पत्थरों ने भी पैदल यात्रियों के उत्साह को कम किया।
प्रशासनिक रिपोर्ट
हालांकि प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे और 4,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात थे, लेकिन 'क्राउड मैनेजमेंट' के उन दावों की परीक्षा ही नहीं हो पाई क्योंकि भीड़ उम्मीद के मुताबिक नहीं पहुंची। मेले के समापन के साथ ही अब व्यापारियों और स्थानीय निवासियों के बीच इस कम फुटफॉल को लेकर चर्चाएं गर्म हैं।
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