Edited By Niyati Bhandari,Updated: 23 Jan, 2026 08:34 AM

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद स्थल पर शुक्रवार को बसंत पंचमी के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदुओं को पूजा-अर्चना करने, जबकि मुसलमानों को उसी दिन अपराह्न 1 बजे से 3 बजे तक नमाज अदा...
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश के धार जिले में स्थित विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद स्थल पर शुक्रवार को बसंत पंचमी के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक हिंदुओं को पूजा-अर्चना करने, जबकि मुसलमानों को उसी दिन अपराह्न 1 बजे से 3 बजे तक नमाज अदा करने की अनुमति दी है।
न्यायालय ने बृहस्पतिवार को यह भी निर्देश दिया कि नमाज के लिए आने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों की सूची जिला प्रशासन को दी जाए। हिंदू और मुस्लिम समूहों ने 23 जनवरी को भोजशाला परिसर में धार्मिक रस्मों के लिए अनुमति मांगी थी। इसी दिन बसंत पंचमी के अवसर पर सरस्वती पूजा भी की जाएगी।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने दोनों पक्षों से परस्पर सम्मान और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए राज्य और जिला प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की। पीठ ने जिला प्रशासन को उस स्थान पर कानून व्यवस्था बनाए रखने का निर्देश दिया।
पीठ ने कहा, “इसी प्रकार, बसंत पंचमी के अवसर पर हिंदू समुदाय के लिए पारंपरिक समारोह आयोजित करने के वास्ते एक अलग स्थान उपलब्ध कराया जाएगा।” धार में 8 हजार पुलिस बल और अफसर तैनात किए गए हैं।