Magh Mela 2026 : एक ऐप, हर रास्ता ! टिकट से होटल तक सब कुछ मिलेगा एक Click में

Edited By Updated: 30 Dec, 2025 01:40 PM

magh mela 2026

Magh Mela 2026 : संगम की रेती पर 3 जनवरी 2026 से शुरू होने जा रहे आस्था के विशाल आयोजन माघ मेला–2026 में स्नान की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए अब यात्रा पहले से कहीं ज्यादा आसान होने वाली है।

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Magh Mela 2026 : संगम की रेती पर 3 जनवरी 2026 से शुरू होने जा रहे आस्था के विशाल आयोजन माघ मेला–2026 में स्नान की योजना बना रहे श्रद्धालुओं के लिए अब यात्रा पहले से कहीं ज्यादा आसान होने वाली है। रास्तों, ठहरने और सुविधाओं को लेकर होने वाली परेशानियों को कम करने के लिए उत्तर मध्य रेलवे (NCR) ने तकनीक का सहारा लिया है और श्रद्धालुओं के लिए एक खास डिजिटल सुविधा प्रणाली शुरू की है।

जेब में रहेगा आपका निजी मार्गदर्शक
रेलवे ने ‘मेला रेल सेवा’ मोबाइल ऐप और एक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। यह ऐप एक डिजिटल गाइड की तरह काम करेगा, जो यात्रियों को ट्रेन में सीट मिलने से लेकर मेला क्षेत्र और स्नान घाट तक पहुंचने का पूरा रास्ता सरल तरीके से बताएगा।

एक ऐप, ढेरों सुविधाएं

इस ऐप और ऑनलाइन पोर्टल को इस तरह तैयार किया गया है कि स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाला कोई भी व्यक्ति आसानी से जरूरी जानकारी हासिल कर सके। इसमें यात्रियों की सुविधा के लिए कई अहम फीचर्स शामिल किए गए हैं—

ऑनलाइन टिकट बुकिंग: अब स्टेशन पर लंबी कतारों में खड़े होने की जरूरत नहीं, मोबाइल से ही टिकट बुक की जा सकती है।

लाइव ट्रेन अपडेट: ट्रेन की स्थिति और प्लेटफॉर्म की जानकारी रियल टाइम में मिलेगी।

मेला नेविगेशन सिस्टम: स्टेशन से मेला क्षेत्र तक पहुंचने का सही और छोटा रास्ता मैप के जरिए दिखाया जाएगा।

ठहरने की जानकारी: वेटिंग रूम, विश्राम गृह और रुकने की अन्य जगहों की पूरी जानकारी उपलब्ध होगी।

खोया-पाया सेवा: मेले की भीड़ में सामान गुम होने पर उसे खोजने में ऐप मदद करेगा।

यात्रा के साथ मिलेगा धार्मिक ज्ञान
यह ऐप केवल यात्रा संबंधी जानकारी तक सीमित नहीं है। इसमें एक फोटो गैलरी भी शामिल की गई है, जिसके माध्यम से श्रद्धालु माघ मेले के ऐतिहासिक महत्व, धार्मिक परंपराओं और पौराणिक कथाओं को भी जान सकेंगे।

आपात स्थिति में तुरंत मिलेगी मदद
रेलवे ने श्रद्धालुओं की सहायता के लिए 1800-4199-139 टोल-फ्री नंबर भी जारी किया है, जो 20 दिसंबर 2025 से चौबीसों घंटे सक्रिय रहेगा। जिन यात्रियों को ऐप इस्तेमाल करने में परेशानी हो, वे इस नंबर पर कॉल कर ट्रेन, चिकित्सा सहायता, स्नान पर्वों और आसपास के मंदिरों की जानकारी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्राप्त कर सकेंगे।

रेलवे का क्या कहना है
उत्तर मध्य रेलवे, प्रयागराज मंडल के पीआरओ अमित कुमार सिंह के अनुसार, मोबाइल ऐप और हेल्पलाइन श्रद्धालुओं के लिए एक स्मार्ट साथी साबित होंगे। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराया गया है।

ऐसे करें ऐप डाउनलोड

Google Play Store खोलें
“Mela Rail Seva” सर्च करें
ऐप इंस्टॉल कर अपनी यात्रा की तैयारी घर बैठे पूरी करें।  

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