Edited By Prachi Sharma,Updated: 07 Mar, 2026 08:34 AM

Char Dham Yatra 2026 : चारधाम यात्रा शुरू होने में अब 50 दिन से भी कम समय बचा है। ऐसे में राज्य सरकार और प्रशासन यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए तेजी से तैयारियों में जुटे हुए हैं। यात्रा मार्ग पर इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे...
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Char Dham Yatra 2026 : चारधाम यात्रा शुरू होने में अब 50 दिन से भी कम समय बचा है। ऐसे में राज्य सरकार और प्रशासन यात्रा को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए तेजी से तैयारियों में जुटे हुए हैं। यात्रा मार्ग पर इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। प्रशासन की योजना के अनुसार पूरे मार्ग पर करीब 6500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। साथ ही यात्रा मार्ग को हर 10 किलोमीटर के सेक्टर में विभाजित किया जाएगा ताकि निगरानी और व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से संभाली जा सकें।
गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे और आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप ने हाल ही में यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि अप्रैल में शुरू होने वाली यात्रा को लेकर सभी विभागों की जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं और उसी के अनुसार कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है।
सी.सी.टी.वी और एन.पी.आर कैमरों से होगी निगरानी
यात्रा के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए प्रमुख स्थानों पर सीसीटीवी और एनपीआर कैमरे लगाए जा रहे हैं। इससे यात्रियों की संख्या और गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। प्रशासन का कहना है कि 31 मार्च तक सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने का लक्ष्य तय किया गया है और सभी विभागों को समयसीमा के अनुसार काम करने के निर्देश दिए गए हैं।
यात्रियों की सुविधा के लिए इस बार भी मोबाइल मैसेज के जरिए रूट डायवर्जन और खराब मौसम की जानकारी भेजी जाएगी। यह व्यवस्था पिछले वर्ष भी लागू की गई थी और काफी प्रभावी साबित हुई थी।
भीड़ नियंत्रण के लिए अलग रणनीति
अधिकारियों के मुताबिक इस साल चारधाम यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष योजना तैयार की जा रही है। प्रत्येक जिले की पुलिस अपने स्तर पर अलग-अलग रणनीति बनाएगी। यदि पहाड़ी क्षेत्रों में अधिक भीड़ हो जाती है तो बाहर से आने वाले यात्रियों को हरिद्वार, देहरादून और ऋषिकेश जैसे स्थानों पर अस्थायी रूप से रोका जा सकता है। इन जगहों पर उनके ठहरने और भोजन की व्यवस्था भी की जाएगी।
भीड़ प्रबंधन के लिए प्रशासन ने स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) भी तैयार की है। सभी धामों की क्षमता और यात्रियों की संख्या का वैज्ञानिक अध्ययन कर यात्रा के संचालन और पंजीकरण की प्रक्रिया तय की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने या मार्ग बदलने का विकल्प भी रखा गया है।
भूस्खलन वाले इलाकों पर विशेष नजर
चारधाम यात्रा मार्ग पर आने वाले भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों की भी पहचान कर ली गई है। पिछले साल 58 ऐसे स्थान चिन्हित किए गए थे और हाल की प्राकृतिक आपदाओं के बाद कुछ नए संवेदनशील क्षेत्र भी सामने आए हैं। इन सभी स्थानों पर पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई के लिए जेसीबी मशीनें भी उपलब्ध रहेंगी। इसके लिए पीडब्ल्यूडी, एनएच और बीआरओ को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
यात्रियों के लिए नई सुविधाएं
इस बार यात्रियों की सुविधा के लिए कुछ नई व्यवस्थाएं भी लागू की जाएंगी। प्रमुख स्थानों पर क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जिन्हें स्कैन करके यात्री अपने मोबाइल पर स्थान से जुड़ी जरूरी जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। इसके अलावा ट्रैफिक जाम या किसी आपात स्थिति में यात्रियों को मोबाइल अलर्ट भेजे जाएंगे।
साथ ही चारधाम यात्रा में आने वाले पर्यटकों के वाहनों के लिए ग्रीन कार्ड अनिवार्य किया जाएगा, ताकि यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था बेहतर ढंग से नियंत्रित की जा सके।
इस तरह प्रशासन चारधाम यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है।