Maha Shivratri 2026 : महादेव की नगरी काशी में 26 घंटे चलेगा अखंड पूजन, सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम

Edited By Updated: 15 Feb, 2026 11:19 AM

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Maha Shivratri 2026 : काशी को केवल एक शहर कहना इसकी आध्यात्मिक पहचान को छोटा करना होगा। हिंदू परंपरा में इसे अत्यंत प्राचीन और पवित्र तीर्थ माना जाता है। मान्यता है कि यह स्वयं भगवान शिव की नगरी है और यहां आकर या यहां देह त्याग करने से आत्मा को...

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Maha Shivratri 2026 : काशी को केवल एक शहर कहना इसकी आध्यात्मिक पहचान को छोटा करना होगा। हिंदू परंपरा में इसे अत्यंत प्राचीन और पवित्र तीर्थ माना जाता है। मान्यता है कि यह स्वयं भगवान शिव की नगरी है और यहां आकर या यहां देह त्याग करने से आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है। पावन गंगा तट पर बसा यह नगर ज्ञान, संस्कृति और साधना का केंद्र रहा है। यहीं स्थित है काशी विश्वनाथ मंदिर, जो बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है।

महाशिवरात्रि का पर्व भी सनातन परंपरा में अत्यंत विशेष स्थान रखता है। यह दिन भगवान शिव को समर्पित होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी तिथि को सृष्टि की उत्पत्ति मानी जाती है। पौराणिक कथाओं में वर्णन मिलता है कि इसी दिन शिव का दिव्य अग्निलिंग स्वरूप प्रकट हुआ था और इसी अवसर पर उनका विवाह देवी पार्वती के साथ संपन्न हुआ।

2026 में उमड़ेगा आस्था का सैलाब
साल 2026 में महाशिवरात्रि 15 फरवरी, रविवार को मनाई जाएगी। इस अवसर पर काशी विश्वनाथ धाम में लगभग 15 से 20 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। पर्व को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर को भव्य सजावट से संवारा जा रहा है। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी, जिनमें मार्गों पर आकर्षक सजावट और पुष्प वर्षा जैसी तैयारियां शामिल हैं।

इस दिन बाबा के धाम में लगभग 26 घंटे तक लगातार दर्शन-पूजन का क्रम जारी रहेगा। प्रातःकाल मंगला आरती के साथ मंदिर के कपाट खोले जाएंगे और उसके बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शन आरंभ होंगे।

सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
महाशिवरात्रि पर भगवान शिव का विशेष श्रृंगार भी आकर्षण का केंद्र रहेगा। उन्हें मेवों और रुद्राक्ष से सजे सेहरे के साथ अलंकृत किया जाएगा, जिससे उनका स्वरूप और भी दिव्य प्रतीत होगा। भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मंदिर परिसर और आसपास के लगभग दो किलोमीटर क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी। पुलिस बल के साथ पैरामिलिट्री और विशेष कमांडो दस्ते तैनात रहेंगे। निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों का उपयोग किया जाएगा और प्रवेश द्वारों पर भी विशेष सुरक्षा प्रबंध किए जाएंगे।
इस प्रकार, महाशिवरात्रि 2026 पर काशी में एक बार फिर श्रद्धा, भक्ति और भव्यता का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा।

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