Edited By Prachi Sharma,Updated: 07 Feb, 2026 10:01 AM

Maha Shivratri 2026 : देश भर में धार्मिक पर्व और अनुष्ठान बड़े उत्साह के साथ मनाए जाते हैं, लेकिन जब बात काशी की होती है तो यहां हर उत्सव अपनी अलग पहचान बना लेता है। महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी को पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा।...
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Maha Shivratri 2026 : देश भर में धार्मिक पर्व और अनुष्ठान बड़े उत्साह के साथ मनाए जाते हैं, लेकिन जब बात काशी की होती है तो यहां हर उत्सव अपनी अलग पहचान बना लेता है। महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी को पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। वहीं, भगवान शिव की नगरी वाराणसी में इस पर्व को लेकर तैयारियां पहले से ही शुरू हो चुकी हैं।
काशी में महाशिवरात्रि का महत्व इसलिए भी खास है क्योंकि यहां बाबा विश्वनाथ से जुड़ी सदियों पुरानी परंपराएं इस पर्व को और भी पावन बना देती हैं। हर साल की तरह इस बार भी मंदिर प्रशासन और श्रद्धालु इस महापर्व को यादगार बनाने में जुटे हुए हैं।
कब होगी बाबा विश्वनाथ को हल्दी रस्म
इस वर्ष 13 फरवरी को पूर्व महंत आवास पर बाबा विश्वनाथ की पंचबदन प्रतिमा को विधि-विधान से हल्दी अर्पित की जाएगी। यह रस्म भगवान शिव के विवाह से जुड़े मंगल आयोजन की शुरुआत मानी जाती है।
इस अवसर पर सभी धार्मिक अनुष्ठान परंपरागत तरीके से संपन्न किए जाएंगे। महिलाएं पारंपरिक विवाह गीत गाएंगी और भक्त बाबा को हल्दी अर्पित कर इस पावन परंपरा में सहभागी बनेंगे। यह आयोजन बाबा के विवाह उत्सव का पहला चरण माना जाता है।
विश्वनाथ धाम में दिखेगी खास रौनक
महाशिवरात्रि पूरे देश में उत्साह के साथ मनाई जाती है लेकिन काशी में इसकी भव्यता कुछ अलग ही होती है। शहर के विभिन्न इलाकों से आकर्षक शिव बारात निकाली जाती है। प्रमुख मंदिरों और शिवालयों को फूलों और रोशनी से सजाया जाता है।
इस दिन रुद्राभिषेक, हवन और विशेष पूजा का आयोजन होता है। सुबह से लेकर देर रात तक श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिरों में दर्शन के लिए लगी रहती हैं। पूरे शहर में भक्ति और उत्सव का माहौल बना रहता है।