Edited By Sarita Thapa,Updated: 07 Jun, 2026 11:37 AM

एक दिन भगवान बुद्ध अकेले ही भ्रमण कर रहे थे। एक व्यक्ति को बहुत ही दीन और हैरान देखकर उन्होंने पूछा, "क्यों भाई, क्या बात है?"
Mahatma Buddha Story : एक दिन भगवान बुद्ध अकेले ही भ्रमण कर रहे थे। एक व्यक्ति को बहुत ही दीन और हैरान देखकर उन्होंने पूछा, "क्यों भाई, क्या बात है?"
वह बोला, "मैं बहुत ही गरीब हूं और मेरे पास कुछ भी नहीं है।"
"कुछ भी नहीं है।" बुद्ध ने अचरज से पूछा, "तुम सच नहीं बोल रहे हो।"
"नहीं, मैं आपसे ठीक कहता हूं।"
"अच्छा तो तुम एक काम करो।" बुद्ध ने कहा, "तुम्हारे पास दो कान हैं, एक कान काटकर मुझे दे दो, मैं इसके बदले में एक हजार सिक्के दूंगा।"
"नहीं, मैं अपना कान नहीं दे सकता।"

"तो अपनी दो आंखों में से एक आंख दे दो, इसके 5 हजार सिक्के दे सकता हूं।"
"नहीं, मैं ऐसा नहीं कर सकता।" "अच्छा तो एक हाथ ही दे दो, दस हजार सिक्के के बदले।" "जी नहीं, यह नहीं हो सकता।"
तब बुद्ध ने कहा, "फिर तुम कैसे कहते हो कि तुम्हारे पास कुछ भी नहीं है। जब कान, आंख और हाथ का इतना मूल्य है तो पूरे शरीर का न जाने कितना मूल्य होगा।" व्यक्ति चुप हो गया।
बुद्ध ने कहा, "देखो, तुम्हारे पास कितनी बड़ी दौलत है। जिसके पास अच्छी-अच्छी बातें सुनने के लिए कान हों, अच्छी-अच्छी चीजें देखने के लिए आंखें हों, अच्छे-अच्छे काम करने के लिए हाथ हों, भला उससे बढ़कर धनी और कौन हो सकता है।" यह सुनकर व्यक्ति संतुष्ट हो गया।

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