Jawaharlal Nehru: पश्चिमी सभ्यता से प्रभावित था जीवन किंतु अपने देश से हमेशा जुड़े रहे

Edited By Updated: 14 Oct, 2021 01:16 PM

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बात उस समय की है जब जवाहर लाल नेहरू किशोर अवस्था के थे। पिता मोती लाल नेहरू उन दिनों अंग्रेजों से भारत को आजाद कराने की मुहिम में शामिल थे। इसका असर बालक जवाहर पर भी पड़ा।

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बात उस समय की है जब जवाहर लाल नेहरू किशोर अवस्था के थे। पिता मोती लाल नेहरू उन दिनों अंग्रेजों से भारत को आजाद कराने की मुहिम में शामिल थे। इसका असर बालक जवाहर पर भी पड़ा। मोती लाल ने पिंजरे में तोता पाल रखा था।

एक दिन जवाहर ने तोते को पिंजरे से आजाद कर दिया। मोती लाल को तोता बहुत प्रिय था। उसकी देखभाल एक नौकर करता था। नौकर ने यह बात मोती लाल को बता दी। मोती लाल ने जवाहर से पूछा, ‘‘तुमने तोता  क्यों  उड़ा  दिया।’’ 

बालक जवाहर ने कहा,‘‘पिता जी पूरे देश की जनता आजादी चाह रही है। तोता भी आजादी चाह रहा था, सो मैंने उसे आजाद कर दिया।’’ मोती लाल बालक जवाहर का मुंह देखते रह गए। 

भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के महान सेनानी एवं स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू की जिंदगी पश्चिमी सभ्यता से जरूर प्रभावित थी पर इसके साथ ही वह बचपन से ही अपने देश से मजबूती से जुड़े थे।

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