Edited By Niyati Bhandari,Updated: 01 Apr, 2026 01:14 PM

Multani Mitti Vastu Upay: घर में बिना किसी स्पष्ट कारण के भारीपन, तनाव और चिड़चिड़ापन महसूस होना आजकल आम समस्या बन गई है। कई बार सब कुछ सामान्य होने के बावजूद मन अशांत रहता है और नींद भी पूरी नहीं हो पाती। ऐसे में लोग वास्तु और ज्योतिष से जुड़े उपाय...
Multani Mitti Vastu Upay: घर में बिना किसी स्पष्ट कारण के भारीपन, तनाव और चिड़चिड़ापन महसूस होना आजकल आम समस्या बन गई है। कई बार सब कुछ सामान्य होने के बावजूद मन अशांत रहता है और नींद भी पूरी नहीं हो पाती। ऐसे में लोग वास्तु और ज्योतिष से जुड़े उपाय अपनाने लगते हैं।
ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, मुल्तानी मिट्टी सिर्फ सौंदर्य बढ़ाने का साधन नहीं है, बल्कि यह घर की नकारात्मक ऊर्जा को कम करने और सकारात्मक माहौल बनाने में भी सहायक मानी जाती है। यह एक सरल, सस्ता और प्राकृतिक उपाय है जिसे कोई भी आसानी से अपना सकता है।
मुल्तानी मिट्टी का ज्योतिषीय महत्व
ज्योतिष शास्त्र में पृथ्वी तत्व को स्थिरता, संतुलन और धैर्य का प्रतीक माना जाता है। मुल्तानी मिट्टी भी इसी तत्व से जुड़ी होती है, इसलिए इसे घर में रखने से ऊर्जा संतुलन बेहतर होता है। मान्यता है कि ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव से उत्पन्न ऊर्जा असंतुलन को यह कम करने में मदद करती है।
मुख्य दरवाजे पर रखें मुल्तानी मिट्टी
घर के मुख्य प्रवेश द्वार को ऊर्जा का प्रवेश बिंदु माना जाता है। यहां एक छोटी कटोरी में मुल्तानी मिट्टी रखने से बाहर से आने वाली नकारात्मक ऊर्जा को रोका जा सकता है। इससे घर में प्रवेश करते ही हल्कापन और सकारात्मकता महसूस होती है।

लिविंग रूम में बढ़ाएं शांति का माहौल
अगर घर में अक्सर तनाव या बहस का वातावरण बनता है, तो लिविंग रूम में मुल्तानी मिट्टी रखना लाभकारी माना जाता है। यह वातावरण को शांत और संतुलित बनाती है, जिससे मानसिक तनाव में कमी आती है।
बेडरूम में रखें, बेहतर होगी नींद
नींद की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए यह उपाय कारगर हो सकता है। बेडरूम में मुल्तानी मिट्टी रखने से मन शांत होता है और नींद की गुणवत्ता में सुधार देखा जा सकता है।

पौधों के साथ करें उपयोग
घर में रखे पौधों की मिट्टी में थोड़ा सा मुल्तानी मिट्टी मिलाने से न केवल पौधों की वृद्धि बेहतर होती है, बल्कि घर का वातावरण भी ताजगी और सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है।
धीरे-धीरे दिखता है असर
ये उपाय तुरंत नहीं बल्कि धीरे-धीरे असर दिखाते हैं। समय के साथ घर में शांति बढ़ने लगती है, तनाव कम होता है और मानसिक संतुलन बेहतर होता है।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान
हर 10–15 दिन में मुल्तानी मिट्टी बदलें।
इसे हमेशा साफ और सूखी जगह पर रखें।
गंदी या नमी वाली मिट्टी का उपयोग न करें।
