Edited By Sarita Thapa,Updated: 20 May, 2026 04:09 PM

हिंदू धर्म में स्कन्द षष्ठी व्रत को कार्तिकेय जी की कृपा पाने और पूजा के लिए बहुत खास माना जाता है। हर माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर स्कंद षष्ठी मनाई जाती है।
Adhik Skanda Shashti 2026 : हिंदू धर्म में स्कन्द षष्ठी व्रत को कार्तिकेय जी की कृपा पाने और पूजा के लिए बहुत खास माना जाता है। हर माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि पर स्कंद षष्ठी मनाई जाती है। माना जाता है कि इस दिन पूरे विधि-विधान के साथ कार्तिकेय जी की पूजा करने और व्रत रखने से उनकी खास कृपा प्राप्त होती है और मन की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही इस दिन कार्तिकेय जी की पूजा के साथ कुछ खास मंत्रों का जाप करने से संतान सुख की प्राप्ति होती है और जीवन के हर क्षेत्र में सफलता मिलती है। तो आइए जानते हैं स्कन्द षष्ठी के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में-
स्कंद षष्ठी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अधिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि की शुरुआत 21 मई को सुबह 08 बजकर 26 मिनट पर होगी और ज्येष्ठ अधिक माह के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि का समापन 22 मई को सुबह 06 बजकर 24 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, अधिक माह की स्कंद षष्ठी 21 मई को मनाई जाएगी।

स्कंद षष्ठी 2026 पूजा विधि
स्कन्द षष्ठी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ-सुथरे वस्त्र धारण करें।
फिर घर के मंदिर की सफाई करने के बाद गंगाजल का छिड़काव करें और व्रत का संकल्प लें।
एक चौकी पर भगवान कार्तिकेय की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें और प्रतिमा को पंचामृत व जल से स्नान कराएं।
उसके बाद भगवान कार्तिकेय को धूप, दीप, फूल, माला और नैवेद्य अर्पित करें।
फिर उनके मंत्रों और नामों का जाप करें और स्कन्द षष्ठी व्रत कथा का पाठ पढ़ें।
अंत में कार्तिकेय जी के समक्ष घी का दीपक जलाएं और उनकी आरती करें।

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