Edited By Sarita Thapa,Updated: 28 Jan, 2026 01:42 PM

हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। आध्यात्मिक दृष्टि से यह समय अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है क्योंकि मान्यता है कि सूर्यास्त के समय यानी प्रदोष काल में भगवान शिव स्वयं कैलाश पर्वत पर प्रसन्न मुद्रा में...
Pradosh Vrat 2026 Powerful Mantras : हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत रखा जाता है। आध्यात्मिक दृष्टि से यह समय अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है क्योंकि मान्यता है कि सूर्यास्त के समय यानी प्रदोष काल में भगवान शिव स्वयं कैलाश पर्वत पर प्रसन्न मुद्रा में नृत्य करते हैं और अपने भक्तों के सभी दुखों का अंत करते हैं। वर्ष 2026 में आने वाले प्रदोष व्रत न केवल उपवास के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि यह गृहस्थ जीवन में सुख, शांति और आर्थिक समृद्धि लाने का एक स्वर्णिम अवसर भी हैं। यदि आप लंबे समय से मानसिक अशांति, करियर में रुकावट या पारिवारिक कलह से जूझ रहे हैं, तो शास्त्रों में वर्णित कुछ विशेष शिव-गौरी मंत्रों का जप आपके जीवन की दिशा बदल सकता है। कहा जाता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा और मंत्रों का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है, जिससे न केवल महादेव का आशीर्वाद प्राप्त होता है, बल्कि माता पार्वती के सहयोग से घर में अन्न और धन के भंडार हमेशा भरे रहते हैं। तो आइए जानते हैं, इस प्रदोष व्रत पर किन मंत्रों के प्रयोग से आप अपनी सोई हुई किस्मत को जगा सकते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकते हैं।
आर्थिक बाधा दूर करने के लिए
मंत्र: ॐ ह्रीं नमः शिवाय ह्रीं ॐ
लाभ: यह मंत्र लक्ष्मी और शिव की ऊर्जा का मिश्रण है। इसके जप से घर में दरिद्रता का नाश होता है और आय के नए स्रोत खुलते हैं।
सुखद वैवाहिक जीवन और प्रेम के लिए
मंत्र: ॐ उमामहेश्वराभ्यां नमः
लाभ: यदि घर में क्लेश रहता है या विवाह में बाधा आ रही है, तो माता पार्वती और शिव के इस संयुक्त मंत्र का जप करने से रिश्तों में मधुरता आती है।

करियर और मानसिक शांति के लिए
मंत्र: ॐ नमः शिवाय शुभं शुभं कुरू कुरू शिवाय नमः ॐ
लाभ: यह मंत्र छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए रामबाण है। यह एकाग्रता बढ़ाता है और कार्यक्षेत्र में आने वाली राजनीति या रुकावटों को समाप्त करता है।
सर्व कष्ट निवारण के लिए
मंत्र: ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
लाभ: यह मंत्र आपके आत्मविश्वास को बढ़ाता है और अज्ञात भय व रोगों से मुक्ति दिलाता है।

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