Rahu Ketu Transit 2023-24 :18 महीने के लिए होने जा रहा है राहु-केतु का गोचर जानें, कुंभ राशि का हाल

Edited By Updated: 23 Jun, 2023 09:20 AM

आज बात करेंगे राहु और केतु के गोचर के बारे में। ये गोचर हो रहा है इस साल 30 अक्टूबर को। ये वक्र अवस्था में चलने वाले ग्रह हैं। इसके बाद 18 मई 2025

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Rahu Ketu Transit: आज बात करेंगे राहु और केतु के गोचर के बारे में। ये गोचर हो रहा है इस साल 30 अक्टूबर को। ये वक्र अवस्था में चलने वाले ग्रह हैं। इसके बाद 18 मई 2025 में इनका गोचर होगा। राहु और केतु की अपनी कोई राशि नहीं है। ये जहां पर बैठते हैं, उसी भाव का फल करते हैं। जिस राशि में बैठते हैं, उस राशि के स्वामी का फल करते हैं। ये बहुत ही जल्दी फल करते हैं। तो आइए जानते हैं कि राहु-केतु के गोचर से कुंभ राशि के जातकों के ऊपर क्या प्रभाव पड़ेगा ?

1100  रुपए मूल्य की जन्म कुंडली मुफ्त में पाएं। अपनी जन्म तिथि अपने नाम, जन्म के समय और जन्म के स्थान के साथ हमें 96189-89025 पर व्हाट्सएप करें  

Aquarius  कुंभ राशि: केतु नौवें स्थान से गोचर कर रहे हैं और ये आ जाएंगे अष्टम भाव में। इस राशि के जातकों के ऊपर पहले से शनि की ढैया चल रही है। गुरु और राहु की तीसरे भाव में युति बनी हुई थी। गुरु का तीसरे भाव में गोचर शुभ नहीं होता लेकिन गुरु आपकी कुंडली में दो जरूरी भावों के मालिक हैं। गुरु अपने ही भाव को देख रहे हैं। ये आय का भाव है। गुरु मंगल की राशि में अकेले काम करेंगे और आय स्थान को देखेंगे। कर्म का फल आपको अच्छा मिलेगा। यहां से ही तरक्की देखी जाती है। गुरु की एक दृष्टि नौवें स्थान पर पड़ेगी। ये भाग्य स्थान है और गुरु इस भाव के कारक हैं। आपकी किस्मत आपका साथ देना शुरू कर सकती है। यदि आप सिंगल हैं तो आपके लिए शादी का रास्ता खुल सकता है।

कुंभ राशि के जातकों के लिए राहु और केतु दोनों का गोचर शुभ नहीं है। राहु का गोचर दूसरे भाव में शुभ नहीं होता और केतु का गोचर अष्टम भाव में शुभ नहीं होता। दूसरा भाव खान-पान का भाव है, यहां से कुटुंब और बैंक बैलेंस देखा जाता है। यहां पर आपको गले से जुड़ी कोई दिक्कत हो सकती है। खान-पान पर ध्यान दें। राहु जब यहां बैठते हैं तो छठे भाव को देखते हैं। किसी की कोई गारंटी न लें। सेहत से जुड़ी किसी भी समस्या को नजरअंदाज न करें। एक दृष्टि पड़ेगी दसवें स्थान के ऊपर यहां पर पहले से ही शनि की दृष्टि है। कारोबार में थोड़ी दिक्कत देखने को मिलेगी। मेहनत का फल थोड़ा धीरे मिलेगा। केतु जब अष्टम भाव में गोचर कर रहे हैं तो एक दृष्टि पड़ रही है इस भाव के ऊपर। आंखों को लेकर कोई परेशानी हो सकती है और खर्चें भी बढ़ने की संभावना है।

नरेश कुमार
https://www.facebook.com/Astro-Naresh-115058279895728

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!