Edited By Sarita Thapa,Updated: 28 Oct, 2026 03:51 PM

क्या आप जानते हैं कि रमा एकादशी पर बिना व्रत रखे भी कुछ ऐसे धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं, जिन्हें बेहद पुण्यदायी माना जाता है? जी हां आपने सही सुना। दरअसल हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर रमा एकादशी का व्रत रखा जाता है और धार्मिक...
Rama Ekadashi Upay : क्या आप जानते हैं कि रमा एकादशी पर बिना व्रत रखे भी कुछ ऐसे धार्मिक कार्य किए जा सकते हैं, जिन्हें बेहद पुण्यदायी माना जाता है? जी हां आपने सही सुना। दरअसल हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर रमा एकादशी का व्रत रखा जाता है और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन के अवसर पर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। माना जाता है कि जो भी जातक रमा एकादशी का व्रत रखता है उसे पापों से मुक्त मिलती साथ ही उसकी हर मनोकामना पूरी होती है। साल 2026 में रमा एकादशी का व्रत 5 नवंबर दिन गुरुवार को रखा जाएगा। ऐसे में इस दिन बहुत से लोग व्रत तो करते हैं लेकिन साथ ही कुछ उपायों को करने की भी मान्यता है। कहा जाता है कि इस दिन के मौके पर कुछ ऐसे उपाय बताएं गए है जिन्हें करने से मां लक्ष्मी की प्राप्ति होती है साथ ही जीवन में चल रही परेशानियों से भी राहत मिलती है। तो आइए जानते हैं कि रमा एकादशी के दिन व्रत नहीं रख रहें, तो कौन से काम करना चाहिए।
एकादशी के दिन को दान और पुण्य से जुड़े कार्यों को करने के लिए शुभ माना जाता है। ऐसे में यदि इस दिन सफेद और पीले रंग की चीजों का दान कर सकते हैं, जैसे की दूध, चीनी, कपड़े, केले , बेसन, हल्दी और लड्डू आदि। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन के अवसर पर ज़रूरतमंद लोगों को जान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है साथ ही घर परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
दूसरे उपाय के तौर पर बता दें कि भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी का बहुत महत्व माना गया है। ऐसे में एक उपाय के अनुसार तुलसी के पौधे के पास शांत मन से बैठकर भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप कर सकते हैं। आप 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का 108 बार जाप करें। मान्यता है कि मंत्र जाप से मन को शांति मिलती है और व्यक्ति का ध्यान ईश्वर की भक्ति में लगता है।
तीसरे उपाय के तौर पर बता दें कि अगर लंबे समय से नौकरी की तलाश कर रहे हैं और लगातार कोशिशों के बाद भी मनचाहा अवसर नहीं मिल पा रहा है, तो रमा एकादशी के दिन तुलसी पूजन कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन शाम के समय तुलसी के पौधे के समीप घी के 11 दीपक प्रज्वलित करें। इसके बाद तुलसी चालीसा का पाठ करें और माता तुलसी को प्रणाम करते हुए उनकी सात परिक्रमा पूरी करें। मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक किया गया यह पूजन करियर में उन्नति और रोजगार के नए अवसरों की कामना से जुड़ा है।
रमा एकादशी के दिन भगवान विष्णु का आशीर्वाद पाने के लिए जरूरी नहीं कि आप उपवास ही करें। कई बार हो सकता है कि किसी परेशानी या फिर सेहत के चलते आप व्रत न कर पाएं , तो ऐसे में आप इस पावन तिथि पर कुछ समय निकालकर विष्णु सहस्रनाम का श्रवण कर सकते हैं या स्वयं इसका पाठ कर सकते हैं। पूजा के दौरान मन को शांत रखें और पूरी श्रद्धा के साथ श्रीहरि का ध्यान करें। हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के सहस्र नामों का गुणगान करना एक पुण्यदायी आध्यात्मिक अभ्यास माना गया है, जो मन को एकाग्र करने और ईश्वर के प्रति भक्ति भाव बढ़ाने में सहायक हो सकता है।

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