Edited By Prachi Sharma,Updated: 22 Jan, 2026 10:30 AM

Sabarimala Mandir : सबरीमाला मंदिर से जुड़े कथित सोना घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू की है। कोच्चि जोनल कार्यालय के नेतृत्व में ईडी ने शुक्रवार को केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में एक साथ 21...
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Sabarimala Mandir : सबरीमाला मंदिर से जुड़े कथित सोना घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू की है। कोच्चि जोनल कार्यालय के नेतृत्व में ईडी ने शुक्रवार को केरल, तमिलनाडु और कर्नाटक में एक साथ 21 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई है। जांच एजेंसी का कहना है कि मामला सबरीमाला मंदिर की संपत्तियों, विशेष रूप से सोने से जुड़े पवित्र आभूषणों में कथित गड़बड़ी से जुड़ा हुआ है।
ईडी की जांच के अनुसार, यह मामला पहले केरल क्राइम ब्रांच द्वारा दर्ज की गई कई एफआईआर से सामने आया था। इन मामलों में त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड से जुड़े कुछ अधिकारियों, निजी व्यक्तियों, बिचौलियों और ज्वैलर्स की संभावित मिलीभगत की आशंका जताई गई है। अदालत से अनुमति मिलने के बाद 9 जनवरी 2026 को इस केस में ई.सी.आई.आर दर्ज की गई। प्रारंभिक जांच में एजेंसी को संकेत मिले हैं कि वर्ष 2019 से 2025 के बीच मंदिर के सोने से मढ़े पवित्र प्रतीकों को रिकॉर्ड में जानबूझकर तांबे की प्लेट के रूप में दर्ज किया गया और बाद में उन्हें अवैध तरीके से मंदिर परिसर से बाहर निकाला गया।
ईडी का आरोप है कि इस सोने को चेन्नई और कर्नाटक की कुछ निजी इकाइयों में रासायनिक प्रक्रियाओं के जरिए अलग किया गया, जिससे अवैध कमाई की गई। इस धनराशि को छिपाने, अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करने और वैध दिखाने की कोशिश किए जाने की भी बात सामने आई है।
छापेमारी के दौरान ईडी की टीमों ने अपराध से अर्जित धन का पता लगाने, लाभार्थियों की पहचान करने, संदिग्ध दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों को जब्त करने पर ध्यान केंद्रित किया। साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच एजेंसी ने यह भी संकेत दिए हैं कि इस मामले के दौरान सबरीमाला मंदिर से जुड़ी अन्य वित्तीय अनियमितताओं के सुराग मिले हैं। इनमें चढ़ावे और धार्मिक अनुष्ठानों से संबंधित फंड के कथित दुरुपयोग की जांच भी शामिल है, जिस पर PMLA के तहत अलग से कार्रवाई की जा रही है।