Edited By Prachi Sharma,Updated: 28 Feb, 2026 09:20 AM

Govind dev ji Mandir Holi 2026 : फाल्गुन का महीना आते ही जयपुर की फिजाओं में होली की खुशबू घुलने लगी है। शहर की आस्था का केंद्र माने जाने वाले गोविंददेवजी मंदिर से इस बार होली को लेकर चल रहा संशय समाप्त हो गया है। मंदिर प्रशासन ने साफ कर दिया है कि...
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Govind dev ji Mandir Holi 2026 : फाल्गुन का महीना आते ही जयपुर की फिजाओं में होली की खुशबू घुलने लगी है। शहर की आस्था का केंद्र माने जाने वाले गोविंददेवजी मंदिर से इस बार होली को लेकर चल रहा संशय समाप्त हो गया है। मंदिर प्रशासन ने साफ कर दिया है कि परंपरा के अनुसार 2 मार्च को राजभोग झांकी के बाद मंदिर प्रांगण में होली खेली जाएगी। ठाकुरजी को गुलाल अर्पित किया जाएगा और भक्त रंग-भक्ति में डूबकर उत्सव का आनंद लेंगे।
हालांकि इस वर्ष होली के साथ चंद्रग्रहण भी पड़ रहा है, इसलिए दर्शन व्यवस्था में कुछ बदलाव किए गए हैं। 2 से 4 मार्च तक दर्शन व्यवस्था दीपावली और देवउठनी एकादशी की तर्ज पर रहेगी, ताकि बढ़ती भीड़ को सुव्यवस्थित ढंग से संभाला जा सके।
2 मार्च: रंग और रस की होली
होली के दिन मंगला झांकी में भक्तों को लगभग ढाई घंटे दर्शन का अवसर मिलेगा। सुबह 10:45 बजे राजभोग आरती होगी और उसके बाद होली का आयोजन शुरू होगा। इस अवसर पर पंचामृत अभिषेक किया जाएगा। ठाकुरजी और राधारानी को सफेद वेशभूषा में सजाया जाएगा। उनके हाथों में सोने और चांदी की पिचकारियां सुसज्जित होंगी।
सबसे पहले केसर, गुलाब और इत्र मिले जल की पिचकारियों से होली आरंभ होगी। इसके बाद विभिन्न फूलों से रंगारंग उत्सव मनाया जाएगा और अंत में लाल, हरे, गुलाबी, पीले और सफेद गुलाल से वातावरण रंगमय हो उठेगा। पतासे का भोग और आरती के बाद भक्त ठाकुरजी के समक्ष होली खेलने का सौभाग्य पाएंगे। शाम को गौरांग महाप्रभु का जन्मोत्सव भी मनाया जाएगा और विशेष अभिषेक व भोग अर्पित किया जाएगा।
दो मार्च को यह रहेगा झांकियों का समय
मंगला- सुबह 4 से 6.30
धूप- सुबह 7.00 से 8.45
शृंगार-सुबह 9.30 से 10.15
राजभोग-सुबह 10.45 से 11.30
ग्वाल-शाम 4.45 से 5.15 संध्या और अभिषेक
दर्शन- शाम 5.45 से 7.15 शयन-शाम 7.45 से रात 8.30 बजे तक
3 मार्च: चंद्रग्रहण का प्रभाव
तीन मार्च को खग्रास चंद्रग्रहण होने के कारण दर्शन समय में बदलाव रहेगा। ग्रहणकाल के विशेष दर्शन दोपहर तक होंगे, उसके बाद नियमित झांकियां अगले दिन सुबह मंगला दर्शन से शुरू होंगी। इस दिन ग्वाल, संध्या और शयन झांकी में दर्शन नहीं होंगे। मंदिर प्रशासन ने परिक्रमा न करने की सलाह दी है। साथ ही गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों, बीमार और बुजुर्ग श्रद्धालुओं से मंदिर न आने का अनुरोध किया गया है।
4 मार्च: सामान्य व्यवस्था की ओर वापसी
चार मार्च को झांकियों का समय बदला रहेगा लेकिन सभी प्रमुख दर्शन क्रमवार होंगे। भक्तों की सुविधा के लिए प्रवेश जलेब चौक से और निकास जय निवास उद्यान की ओर से रखा गया है। जूते-चप्पल रखने की व्यवस्था नहीं होगी और दो अलग-अलग कतारों से प्रवेश कराया जाएगा।
चार मार्च को झांकियों का यह रहेगा समय
मंगला-सुबह 4 से 5.15
धूप- सुबह 7.30 से 8.45
शृंगार-सुबह 9.30 से 10.15
राजभोग-सुबह 10.45 से 11.15
ग्वाल-शाम 4.45 से 5.15 संध्या
अभिषेक दर्शन- शाम 5.45 से 6.45 शयन-रात 8 से 8.15 बजे तक
इस प्रकार इस वर्ष गोविंददेवजी मंदिर में होली केवल रंगों का उत्सव नहीं होगी, बल्कि अनुशासन और परंपरा का सुंदर संगम बनेगी। फाल्गुन की उमंग, गुलाल की सुगंध और ठाकुरजी की भक्ति इन सबके बीच जयपुर में होली का यह उत्सव श्रद्धा और उल्लास का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत करेगा।