Edited By Sarita Thapa,Updated: 26 Feb, 2026 11:21 AM

अयोध्या के भव्य राम मंदिर के इतिहास में 19 मार्च 2026 का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होने जा रहा है। इस दिन देश की प्रथम नागरिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, रामलला के दरबार में हाजिरी देंगी और एक अत्यंत विशेष अनुष्ठान संपन्न करेंगी।
Ayodhya Ram Mandir News : अयोध्या के भव्य राम मंदिर के इतिहास में 19 मार्च 2026 का दिन एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होने जा रहा है। इस दिन देश की प्रथम नागरिक, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, रामलला के दरबार में हाजिरी देंगी और एक अत्यंत विशेष अनुष्ठान संपन्न करेंगी। राष्ट्रपति मुर्मू राम मंदिर के दूसरे तल पर विशेष 'राम नाम पट्टिका' और 'श्रीराम यंत्र' की स्थापना करेंगी। यह साढ़े तीन फीट की रजत (चांदी) की पट्टिका है, जिसके केंद्र में सोने के अक्षरों से 'राम' नाम अंकित किया गया है। इसका निर्माण मुंबई में किया गया है। श्रीराम यंत्र को भगवान राम की शक्ति और राष्ट्र चेतना का प्रतीक माना जाता है। इसकी स्थापना से मंदिर के ऊपरी तल को एक नई आध्यात्मिक ऊर्जा मिलेगी।
कार्यक्रम का समय और मुख्य आकर्षण
राष्ट्रपति का यह दौरा लगभग 4 घंटे का होगा, जिसमें कई महत्वपूर्ण गतिविधियां शामिल हैं। मंदिर निर्माण में दिन-रात पसीना बहाने वाले लगभग 400 श्रमजीवियों को राष्ट्रपति अपने हाथों से सम्मानित करेंगी। राष्ट्रपति मंदिर के परकोटे पर स्थित मंदिर में ध्वजारोहण भी करेंगी। इस समारोह में आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले, माता अमृतानंदमयी और अन्य आध्यात्मिक गुरुओं के भी शामिल होने की संभावना है।
मंदिर परिसर में नए बदलाव
यह कार्यक्रम चैत्र शुक्ल प्रतिपदा यानी हिंदू नववर्ष के पावन अवसर पर आयोजित किया जा रहा है। इस स्थापना के साथ ही दूसरे तल पर धार्मिक गतिविधियां और रामायण संग्रहालय का कार्य और गति पकड़ेगा। जिस स्थान पर रामलला अस्थायी टेंट में विराजमान थे, उसे अब एक भव्य स्मारक के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिसका निरीक्षण भी राष्ट्रपति कर सकती हैं। राष्ट्रपति को आमंत्रित करने के लिए राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्र ने स्वयं दिल्ली जाकर उन्हें निमंत्रण दिया था।
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