Sanatan Dharma Pride : सनातन संस्कृति का भव्य स्वागत, मध्यप्रदेश के इस नगर में तैयार होंगे नौ दिव्य द्वार

Edited By Updated: 13 Feb, 2026 12:17 PM

sanatan dharma pride

बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों का स्वागत अब केवल होर्डिंग्स से नहीं, बल्कि भव्य नक्काशीदार द्वारों से होगा। उज्जैन विकास प्राधिकरण ने शहर के सभी प्रमुख प्रवेश मार्गों पर 92.25 करोड़ रुपये की लागत से नौ प्रवेश द्वार बनाने की योजना को...

Sanatan Dharma Pride : बाबा महाकाल के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों का स्वागत अब केवल होर्डिंग्स से नहीं, बल्कि भव्य नक्काशीदार द्वारों से होगा। उज्जैन विकास प्राधिकरण ने शहर के सभी प्रमुख प्रवेश मार्गों पर 92.25 करोड़ रुपये की लागत से नौ प्रवेश द्वार बनाने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। ये द्वार केवल कंक्रीट के ढांचे नहीं होंगे, बल्कि इनमें उज्जैन के हजारों साल पुराने इतिहास, खगोल विज्ञान और सिंहस्थ संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।

हर द्वार का नामकरण पौराणिक महत्व के आधार पर किया गया है, जैसे-अमृत द्वार, पंचजन्य द्वार, गज द्वार, कालगणना द्वार, सिंहस्थ द्वार, त्रिशूल द्वार, विक्रमादित्य द्वार और डमरू द्वार। इन द्वारों पर सोलर सिस्टम लगाए जाएंगे, जिससे रात के समय ये द्वार दूधिया रोशनी में जगमगाएंगे। द्वारों की बनावट में सम्राट विक्रमादित्य के न्याय और शौर्य की गाथाओं को उकेरा जाएगा।

Sanatan Dharma Pride

किन रास्तों पर बनेंगे ये द्वार ?
शहर के लगभग सभी मुख्य मार्गों को इस प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है:

इंदौर रोड

देवास रोड

आगर रोड

मक्सी रोड

बड़नगर रोड

सिंहस्थ क्षेत्र से जुड़े अन्य प्रमुख मार्ग

क्यों खास है यह प्रोजेक्ट ?
इतिहासकारों के अनुसार, प्राचीन काल में उज्जैन में प्रवेश के लिए द्वारों की परंपरा थी। इस परियोजना के जरिए उसी पुरानी गौरवशाली परंपरा को आधुनिक स्वरूप में वापस लाया जा रहा है। इसका उद्देश्य न केवल शहर का सौंदर्यीकरण है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी समृद्ध विरासत से परिचित कराना भी है।

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