Sharad Purnima 2026 : धन-धान्य से भर जाएगा घर, शरद पूर्णिमा की रात करें मां लक्ष्मी से जुड़े ये खास उपाय

Edited By Updated: 20 Oct, 2026 01:06 PM

sharad purnima 2026

अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा के रुप में मनाया जाता है और ऐसे में इस साल यह पूर्णिमा 25 अक्टूबर दिन रविवार को मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा को बहुत ही खास माना गया है।

Sharad Purnima 2026 : अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा के रुप में मनाया जाता है और ऐसे में इस साल यह पूर्णिमा 25 अक्टूबर दिन रविवार को मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा को बहुत ही खास माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर विचरण करती हैं और अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं। इतना ही नहीं, ऐसी मान्यता भी है कि इस रात चंद्रमा अपनी सभी 16 कलाओं से परिपूर्ण होता है और उसकी चांदनी अमृत के समान गुणकारी मानी जाती है। इस दिन के अवसर पर मां लक्ष्मी, भगवान विष्णु, श्री राधा-कृष्ण और चंद्रदेव की पूजा करने का विधान है। कहा जाता है कि अगर इस दिन के अवसर पर जातक पूजा-अर्चना के साथ कुछ उपायों को करते हैं इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है और आर्थिक परेशानियों से राहत भी मिल सकती है। तो आइए जानते हैं इस दिन कौन-कौन से उपाय करने चाहिए।

शरद पूर्णिमा पर चंद्रदेव की पूजा करने का भी विधान माना गया है। कहा जाता है कि अगर इस रात कोई जातक चंद्रदेव को जल अर्पित करें तो इसे बड़ा ही लाभकारी माना जाता है। इसके लिए एक तांबे का पात्र लें और उसमें जल, अक्षत, सफेद फूल और कच्चा दूध मिलाएं और फिर चांद को देखते हुए अर्घ्य अर्पित करें। मान्यताओं के अनुसार ऐसा करने वाले जातक की कुंडली में मौजूद चंद्र दोष कम होता है साथ ही मानसिक शांति की भी प्राप्ति होती है। इतना ही नहीं, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस उपाय को आर्थिक परेशानियों से राहत पाने में भी कारगर माना जाता है।

शरद पूर्णिमा की रात एक बेहद ही खास परंपरा निभाई जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात चांद की रोशनी में चावल की खीर रखना बेहद ही शुभ माना जाता है। ऐसा करने की सलाह हर किसी को दी जाती है क्योंकि मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा की रात चांद की रोशनी अमृत के सामान मानी गई है। ऐसे में जब खीर बनाकर चांद की रोशनी में रखी जाती है तो इससे उस अमृत रूपी रोशनी के गुण भी खीर में आ जाते हैं। कहा जाता है कि अगर कोई इस खीर के खा लेता है तो इससे जातक की सेहत अच्छी रहती है और साथ भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं से राहत मिलती है।

शरद पूर्णिमा की रात्रि मां लक्ष्मी की आराधना के लिए बेहद शुभ मानी जाती है। ऐसे में इस दिन स्वच्छ और हल्के रंग के वस्त्र पहनकर भगवान विष्णु के साथ माता लक्ष्मी का विधि-विधान से पूजन करें। इसके साथ ही कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना और माता लक्ष्मी के मंत्र “ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः” का 108 बार जाप करना फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस तरह श्रद्धापूर्वक पूजा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और धन-धान्य, खुशहाली व सौभाग्य की प्राप्ति की कामना की जाती है।

शरद पूर्णिमा के दिन दान करना भी बेहद ही शुभ माना गया है। कहा जाता है कि इस दिन दान करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है और घर में वास करती है। ऐसे में आप इस दिन सात प्रकार के अनाज का दान कर सकते हैं और साथ ही सफेद रंग की वस्तुओं का भी दान कर सकते हैं। जैसे कि सफेद वस्त्र, दूध, मोती, चीनी और सफेद मिठाई आदि। 

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