Edited By Niyati Bhandari,Updated: 10 Oct, 2026 10:44 AM

Sharad Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि 11 अक्टूबर से शुरू हो रही है। जानें मां दुर्गा के हाथी पर आगमन का महत्व, घटस्थापना का सबसे शुभ मुहूर्त और नवरात्रि पूजा के जरूरी नियम।
Sharad Navratri 2026: मां दुर्गा की आराधना का सबसे पवित्र पर्व शारदीय नवरात्र इस वर्ष 11 अक्टूबर, रविवार से शुरू होने जा रहा है। नवरात्री का यह पावन पर्व 20 अक्टूबर, मंगलवार को विजयादशमी के साथ संपन्न होगा। इस बार नवरात्र को लेकर एक विशेष धार्मिक मान्यता सामने आ रही है ज्योतिषीय गणना और पंचांग के अनुसार, इस वर्ष जगत जननी मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा। धार्मिक परंपराओं में मां दुर्गा का हाथी पर आगमन बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि हाथी पर देवी का आगमन अच्छी वर्षा, कृषि में उन्नति, सुख-समृद्धि, शांति और स्थिरता का संकेत देता है। हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि देवी की सवारी से जुड़े ये फलादेश धार्मिक मान्यताओं और परंपरागत ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित होते हैं।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है ?
पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्र के पहले दिन यानी 11 अक्टूबर को कलश स्थापना की जाएगी। पंचांग के मुताबिक, घटस्थापना का सुबह का शुभ मुहूर्त सुबह 6:19 बजे से 10:12 बजे तक बताया गया है। वहीं, वैकल्पिक अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा।
नोट :- ध्यान रखें कि घटस्थापना का मुहूर्त शहर के अनुसार बदल सकता है इसलिए अपने शहर के स्थानीय पंचांग में दिए गए समय की पुष्टि कर लें।
कब शुरू होगी प्रतिपदा तिथि?
हिंदू पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर 2026 की रात से शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात तक रहेगी उदया तिथि के आधार पर नवरात्र का पहला दिन 11 अक्टूबर को माना जाएगा इसी दिन मां शैलपुत्री की पूजा और कलश स्थापना की परंपरा है।
नवरात्रि में कलश स्थापना कैसे करें?
सबसे पहले पूजा वाली जगह को साफ करें। एक चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं। इसके बाद मिट्टी के पात्र में जौ बोएं और उसके ऊपर कलश स्थापित करें। कलश में जल भरकर उसमें अक्षत, सुपारी और सिक्का डाल सकते हैं। कलश के मुंह पर आम या अशोक के पत्ते रखें और ऊपर नारियल रखें। इसके बाद मां दुर्गा का ध्यान करते हुए संकल्प लें। कलश स्थापना के बाद मां दुर्गा की पूजा करें और अखंड ज्योति जलाने की परंपरा हो तो उसे विधि के अनुसार प्रज्वलित करें।

नवरात्रि में किन बातों का ध्यान रखें?
नवरात्रि में पूजा की जगह की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। अगर अखंड ज्योति जला रहे हैं तो उसे ऐसी जगह रखें जहां उसके गिरने या आग लगने का खतरा न हो। व्रत रखने वाले लोग अपनी क्षमता और स्वास्थ्य के अनुसार भोजन करें। फलाहार में भी बहुत ज्यादा तला-भुना खाना लेने से बचना बेहतर है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के दौरान सात्विक भोजन किया जाता है। मांसाहार, शराब और तामसिक भोजन से दूरी रखने की परंपरा है। कलश स्थापना के बाद नवरात्रि के नौ दिनों तक देवी की पूजा और पाठ किया जाता है। दुर्गा सप्तशती या देवी कवच का पाठ करने वाले श्रद्धालु संकल्प के अनुसार उसका पाठ पूरा कर सकते हैं।
यूपी रत्न विभूषित, ज्योतिषाचार्य
महंत पं. सुधांशु तिवारी
मुख्य प्रवक्ता व टीवी पैनलिस्ट
संपर्क सूत्र - 9005804317, 7054594317
