मां महागौरी की आराधना के साथ संपन्न हुआ अष्टमी पर कन्या पूजन

Edited By Updated: 04 Oct, 2022 11:52 AM

shardiya navratri

नई दिल्ली: नवरात्रि के आठवें दिन यानि अष्टमी पर मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा विधिपूर्वक जहां मंदिरों में की गई। वहीं अष्टमी के दिन कन्यापूजन करने वाले भक्तों ने अपने घरों में कंजक बिठाई। अष्टमी होने की वजह से राजधानी दिल्ली के सभी...

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नई दिल्ली: नवरात्रि के आठवें दिन यानि अष्टमी पर मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा विधिपूर्वक जहां मंदिरों में की गई। वहीं अष्टमी के दिन कन्यापूजन करने वाले भक्तों ने अपने घरों में कंजक बिठाई। अष्टमी होने की वजह से राजधानी दिल्ली के सभी मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। मालूम हो कि मां के गौरवर्ण की उपमा शंख, चंद्र और कुंद के फूल से की जाती है और इनकी आयु 8 वर्ष की मानी जाती है। सभी मनोकामनाओं को पूरा करने वाली मां के सभी वस्त्राभूषण श्वेत रंग के होते हैं, चारभुजाधारिणी मां का वाहन वृषभ माना जाता है। 

झंडेवालान मंदिर में अष्टमी के रात 9 बजे ज्योति प्रचंड की गई, जिसके बाद जागरण का आरंभ किया गया। जागरण का सीधा प्रसारण मंदिर के यूट्यूब चैनल व फेसबुक पर किया गया। जिन भक्तों ने अपने घरों में खेत्री बीजी थी वो अपने घरों से उसे लाकर मंदिर में रख गए। जिसे मंदिर द्वारा विसर्जन किया जाएगा। भक्तों के दर्शनों के लिए अष्टमी की पूरी रात मंदिर खोला गया था। यही नहीं वरुण मदान व लखबीर सिंह लखा ने महामाई का गुणगान किया। अष्टमी जागरण की समाप्ति के बाद कन्या पूजन किया गया और भक्तों को जागरण का प्रसाद वितरित किया गया। वहीं छतरपुर मंदिर में अष्टमी पर भक्तों की अपार भीड़ देखने को मिली। मां का शृंगार कर विधिपूर्वक पूजा-अर्चना की गई।
 

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आज होगी मां सिद्धिदात्री की पूजा व कन्या पूजन
मां दुर्गा के नौवें रूप मां सिद्धिदात्री की आज पूजा के साथ नवरात्रि पर्व की समाप्ति हो जाएगी। इस दिन कन्यापूजन का विशेष महत्व होता है। बता दें कि मां सिद्धिदात्री के सभी प्रकार की सिद्धियों को देने वाली हैं। देवीपुराण के अनुसार भगवान शिव ने इनकी कृपा से ही सभी सिद्धियों को प्राप्त किया था। इनकी कृपा से ही भगवान शिव का आधा शरीर देवी का हुआ और वो अद्र्धनारीश्वर कहलाए। चारभुजाधारिणी मां का वाहन सिंह है और ये कमल पुष्प पर आसन करती हैं।
 

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