Edited By Parveen Kumar,Updated: 20 Mar, 2026 07:05 PM

पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष के बीच स्विट्जरलैंड ने अपनी पारंपरिक तटस्थता नीति को बरकरार रखते हुए अमेरिका को हथियारों के निर्यात पर अस्थायी रोक लगा दी है। इस कदम से अमेरिकी रक्षा आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
इंटरनेशनल डेस्क : पश्चिम एशिया में जारी सैन्य संघर्ष के बीच स्विट्जरलैंड ने अपनी पारंपरिक तटस्थता नीति को बरकरार रखते हुए अमेरिका को हथियारों के निर्यात पर अस्थायी रोक लगा दी है। इस कदम से अमेरिकी रक्षा आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।
तटस्थता नीति का हवाला
स्विस सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी ऐसे देश को, जो मौजूदा युद्ध में शामिल है, हथियारों के निर्यात की अनुमति नहीं दी जा सकती। सरकार के अनुसार, ईरान से जुड़े संघर्ष में शामिल देशों को युद्ध के दौरान हथियार निर्यात के लिए लाइसेंस जारी करना उनकी तटस्थता नीति के खिलाफ होगा। इसी वजह से अमेरिका को भी फिलहाल नए निर्यात लाइसेंस नहीं दिए जा रहे हैं।
28 फरवरी के बाद से कोई नया लाइसेंस नहीं
सरकार ने जानकारी दी कि 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल की ओर से हुए हमलों के बाद से अब तक अमेरिका को हथियार निर्यात के लिए कोई नया परमिट जारी नहीं किया गया है। यह कदम क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच उठाया गया है, ताकि स्विट्जरलैंड अपनी निष्पक्ष भूमिका बनाए रख सके।
विशेषज्ञ समूह करेगा समीक्षा
स्विस प्रशासन ने यह भी बताया कि रक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों की एक टीम इस फैसले और इसके प्रभावों की समीक्षा करेगी। साथ ही यह भी परखा जाएगा कि देश के ‘तटस्थता कानून’ के तहत आगे और क्या कदम उठाने की जरूरत है।
पहले भी उठा चुका है ऐसा कदम
यह पहला मौका नहीं है जब स्विट्जरलैंड ने इस तरह का निर्णय लिया हो। इससे पहले 2003 में इराक युद्ध के दौरान भी उसने अमेरिका समेत युद्ध में शामिल देशों को हथियारों के निर्यात पर रोक लगा दी थी और अपने हवाई क्षेत्र के उपयोग पर भी प्रतिबंध लगाया था। बाद में हालात सामान्य होने पर इन प्रतिबंधों को हटा लिया गया था।
वैश्विक असर की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि स्विट्जरलैंड के इस फैसले से अंतरराष्ट्रीय रक्षा बाजार और सहयोग पर असर पड़ सकता है। साथ ही, इससे यह संकेत भी मिलता है कि यूरोपीय देश मौजूदा संघर्ष को लेकर सतर्क रुख अपना रहे हैं।