Edited By Prachi Sharma,Updated: 25 Mar, 2026 11:37 AM

Shri Omkareshwar Jyotirlinga : मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन करने वाले करोड़ों भक्तों के लिए राहत भरी खबर है। उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ 2028 की बड़ी तैयारी को देखते हुए प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन...
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Shri Omkareshwar Jyotirlinga : मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन करने वाले करोड़ों भक्तों के लिए राहत भरी खबर है। उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ 2028 की बड़ी तैयारी को देखते हुए प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन करने का निर्णय लिया है।
इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य भीड़ को नियंत्रित करना और दर्शन प्रक्रिया को अधिक सुगम बनाना है। आइए जानते हैं कि आने वाले समय में आपको मंदिर में क्या बदलाव देखने को मिलेंगे:
प्रवेश और निकास के लिए अलग रास्ते
अब तक सामान्य और वीआईपी श्रद्धालुओं के लिए एक ही रास्ता होने के कारण गर्भगृह में काफी अव्यवस्था होती थी। नई योजना के तहत शुकदेव मुनि द्वार से प्रवेश करेंगे और वर्तमान 'चांदी द्वार' से बाहर निकलेंगे। वर्तमान निकास द्वार से प्रवेश करेंगे और पास के लकड़ी के दरवाजे से बाहर निकलेंगे।
तिरुपति की तर्ज पर 'वेटिंग एरिया'
भीड़ को सड़कों पर खड़े रहने से बचाने के लिए तिरुपति मंदिर जैसा एक विशाल वेटिंग हॉल बनाया जा रहा है। एक साथ 5,000 श्रद्धालु यहां बैठ सकेंगे। यहां शौचालय, जूता स्टैंड और बेबी फीडिंग रूम जैसी बुनियादी सुविधाएं मौजूद रहेंगी। जेपी चौक से आने वाले भक्तों को पहले यहाँ रोका जाएगा, फिर कतारबद्ध तरीके से मंदिर भेजा जाएगा।
शुकदेव मुनि द्वार का चौड़ीकरण
प्रवेश को तेज करने के लिए शुकदेव मुनि द्वार को लगभग 43 लाख रुपये की लागत से चौड़ा किया जा रहा है। इससे एक साथ चार कतारें लग सकेंगी, जिससे भक्तों को घंटों लाइन में नहीं खड़ा होना पड़ेगा।
रक्तदान के बदले 'वी.आई.पी दर्शन'
प्रशासन ने सामाजिक सरोकार को बढ़ावा देने के लिए एक अनोखी पहल की है। जो श्रद्धालु रक्तदान करेंगे, उन्हें सीधे वीआईपी दर्शन की सुविधा दी जाएगी। 2028 के सिंहस्थ के दौरान लगभग 8 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसी को ध्यान में रखते हुए करीब 150 करोड़ रुपये के विकास कार्य किए जा रहे हैं ताकि क्राउड मैनेजमेंट को विश्वस्तरीय बनाया जा सके।