Edited By Niyati Bhandari,Updated: 06 Jan, 2026 10:58 AM

शिरोमणि अकाली दल की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में पेश होना चाहिए और सिख संस्थाओं के बारे में अपनी बार-बार सार्वजनिक रूप में की गई अपमानजनक टिप्पणियों के लिए...
जालंधर (विशेष): शिरोमणि अकाली दल की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में पेश होना चाहिए और सिख संस्थाओं के बारे में अपनी बार-बार सार्वजनिक रूप में की गई अपमानजनक टिप्पणियों के लिए ‘पूरी विनम्रता के साथ’ स्पष्टीकरण देना चाहिए।
सरना ने कहा कि क्योंकि मान एक अभ्यासी सिख नहीं हैं, इसलिए स्थापित सिख मर्यादा की आवश्यकता है कि कोई भी स्पष्टीकरण अकाल तख्त सचिवालय में पेश किया जाए न कि श्री अकाल तख्त साहिब के सम्मुख, क्योंकि पतित होने के कारण भगवंत मान वहां
पेश नहीं हो सकते।
उन्होंने कहा कि ऐसा प्रोटोकॉल सिख संस्थाओं की शान और अनुशासन को बनाए रखने के लिए मौजूद है। सरना श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज द्वारा मुख्यमंत्री को शिरोमणि कमेटी की गोलक या दसवंध की भेंट को निशाना बनाने वाली बार-बार और आपत्तिजनक टिप्पणियों के लिए तलब करने के फैसले पर प्रतिक्रिया दे रहे थे। उन्होंने कहा कि ‘मुख्यमंत्री को इस मामले को संयम और सम्मान के साथ विचारना चाहिए। यदि उनके पास कोई स्पष्टीकरण है तो यह सिख नियमों और विनम्रता के साथ दिया जाना चाहिए’। राजनीतिक पद किसी को भी सिख संस्थाओं के सामूहिक अनुशासन से ऊपर नहीं रखता।
सरना ने कहा कि सार्वजनिक प्रतिनिधियों को सिख धार्मिक प्रथाओं और प्रबंधन से जुड़े मामलों पर बोलते समय सावधान रहना चाहिए, विशेष रूप से जब ऐसी टिप्पणियां संगत में गलतफहमी पैदा करने का जोखिम रखती हैं।