Edited By Niyati Bhandari,Updated: 26 Jan, 2026 08:54 AM

श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक होने के बाद, शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान ने परिसर के बाहर बर्मिंघम के पूर्व लॉर्ड मेयर कार्ल राइस मोब के नेतृत्व में आए एक ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल को ‘श्री साहिब’ (कृपाण), सिरोपा व शॉल भेंट कर...
अमृतसर (सर्बजीत): श्री हरिमंदिर साहिब में नतमस्तक होने के बाद, शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान ने परिसर के बाहर बर्मिंघम के पूर्व लॉर्ड मेयर कार्ल राइस मोब के नेतृत्व में आए एक ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल को ‘श्री साहिब’ (कृपाण), सिरोपा व शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
इसके बाद पत्रकारों से मान ने कहा कि यह सम्मान सिखों व विदेशी राजनीतिक नेताओं के बीच मजबूत संबंध बनाए रखने के उद्देश्य से दिया गया है। उन्होंने बताया कि कार्ल राइस विशेष रूप से श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने पहुंचे थे।
मान ने चौथे और 5वें पातशाह की विरासत को याद करते हुए कहा कि ‘रंगरेटों का बुंगा’ बनाया जाना चाहिए। उन्होंने चिंता जताई कि इसकी अनुपस्थिति सिख भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 पावन स्वरूपों के लापता होने के मामले पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि स्पष्ट निर्देशों के बावजूद एस.आई.टी. ने कोई ठोस प्रगति नहीं की है।
उन्होंने सिख ज्यूडिशियल कमीशन के सदस्य सतनाम सिंह कलेर पर लापरवाही और हेरा-फेरी के आरोप लगाए। मान ने बताया कि बार-बार सुनवाई से अनुपस्थित रहने के कारण औपचारिक शिकायतें की गई थीं, जिसके बाद हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि सतनाम सिंह कलेर अब इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकते।
उन्होंने श्री हरिमंदिर साहिब में हाल ही में हुई बेअदबी की घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म के पूजा स्थल का अनादर सहन नहीं किया जा सकता। जैसे सिख मस्जिदों और चर्चों का सम्मान करते हैं, वैसे ही सिख धर्म का सम्मान भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि बेअदबी की घटनाएं सिख संप्रभुता की कमी के कारण हो रही हैं और ये तब तक नहीं रुकेंगी जब तक सिख एकजुट नहीं होते।
उन्होंने 26 जनवरी को श्री अकाल तख्त साहिब पर होने वाली अरदास और सभा में शामिल होने की अपील की। आगामी चुनावों के मद्देनजर, उन्होंने सभी अकाली धड़ों को बिना किसी शर्त के एक होने का न्यौता दिया, ताकि सिखों के राजनीतिक शोषण को समाप्त किया जा सके। इस अवसर पर पार्टी के महासचिव हरपाल सिंह ब्लेर, संगठनात्मक सचिव (माझा) जसवीर सिंह बचड़े व निजी सचिव उपिंदरप्रताप सिंह आदि उपस्थित थे।