Ujjain Mahakal : महाकाल मंदिर में बड़ा फैसला, महंत विनीत गिरी ही रहेंगे महानिर्वाणी अखाड़े की गादी पर

Edited By Updated: 22 Mar, 2026 07:31 AM

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Ujjain Mahakal : महाकाल मंदिर परिसर में स्थित महानिर्वाणी अखाड़े की महंत गादी को लेकर आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। अब महंत गादी पर विनीत गिरी महाराज ही बने रहेंगे। यह निर्णय अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज के नेतृत्व...

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Ujjain Mahakal : महाकाल मंदिर परिसर में स्थित महानिर्वाणी अखाड़े की महंत गादी को लेकर आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। अब महंत गादी पर विनीत गिरी महाराज ही बने रहेंगे। यह निर्णय अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज के नेतृत्व में अखाड़े के पंचों द्वारा लिया गया। खास बात यह है कि महंत गादी पर अभी तक विनीत गिरी महाराज बने हुए थे परंतु स्वास्थ्य कारणों के चलते उन्होंने इस्तीफा दे दिया था। महंत विनीत गिरी के इस्तीफे के बाद चर्चाओं का दोर शुरू हो गया। दरअसल विनीत गिरी महाराज ने ही अपने स्वास्थ्य कारणों के चलते पद से हटने की बात कही थी । 

दरअसल महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग विश्व प्रसिद्ध है। इसके साथ ही यहां होने वाली भस्म आरती आकर्षण का केंद्र बनी रहती है। भस्मारती में शामिल होने के लिए देश ही नहीं विदेशों से भी श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में परंपरा अनुसार भस्मारती के दौरान बाबा महाकाल को भस्म महा निर्वाणी अखाड़े के महंत गादी पति ही चढ़ाते हैं।

महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्थित महानिर्वाणी अखाड़े में आज अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष व श्री पंचायती महा निर्वाणी अखाड़ा सचिव श्री महंत रवींद्र पुरी जी महाराज,  सचिव महंत जमना पुरी जी, सचिव महंत रमेश गिरी जी, मृत्युंजय भारती जी, मनोज गिरी जी, महंत प्रेमपुरी जी, दिगंबर करण गिरी जी व दिगंबर गोपाल गिरी ने बैठक कर महंत गादी का निर्णय लिया।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष व श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्माणी के सचिव महंत रवींद्र पुरी जी महाराज ने मीडिया से चर्चा में कहा कि विनीत गिरी महाराज को स्वास्थ्य की दिक्कत थी। इसलिए उन्होंने पंच परमेश्वर के सामने एक कार्य मुक्ति का निवेदन किया था । परंतु बाबा महाकाल की इच्छा के बिना ना कोई कार्य मुक्त हो सकता है ना कार्य युक्त। इसलिए श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्माणी की कमेटी ने यह निर्णय लिया है कि महंत विनीत गिरी ही गादी पर बने रहेंगे और आगामी कुंभ मेला भी उन्हीं के नेतृत्व में होगा।

सिहस्थ महाकुंभ वर्ष 2028 के विकास कार्यों को लेकर रविन्द्र पुरी महाराज ने कहा कि विकास को लेकर अधिकारियों से चर्चा होती रहती है। अखाड़े की तरफ से पूरा सहयोग है। सिंहस्थ मेला अधिकारी हरिद्वार आए थे तब भी उनसे वार्तालाप हुआ था। यहां सरकार जो निर्माण कार्य कर रही है वह काफी अच्छे हैं। 2 वर्ष शेष है समय-समय पर बैठकें होगी।

विशाल ठाकुर 

 

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