Edited By Sarita Thapa,Updated: 05 Nov, 2026 04:37 PM

हिंदू धर्म में धनतेरस का त्योहार बहुत खास माना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा की जाती है। माना जाता है कि धनतेरस पर सोना, चांदी, बर्तन और अन्य शुभ वस्तुएं खरीदने से पहले घर में सुख-समृद्धि आती है।
Unlucky Purchases On Dhanteras : हिंदू धर्म में धनतेरस का त्योहार बहुत खास माना जाता है। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा की जाती है। माना जाता है कि धनतेरस पर सोना, चांदी, बर्तन और अन्य शुभ वस्तुएं खरीदने से पहले घर में सुख-समृद्धि आती है। यही वजह है कि इस दिन बाजारों में खरीदारी की खूब रौनक देखने को मिलती है। हालांकि, कुछ वस्तुएं ऐसी भी हैं, जिन्हें धनतेरस पर खरीदने से बचने की सलाह दी जाती है। इनमें लोहे और कांच की चीजें प्रमुख हैं। माना जाता है कि इन चीजों को धनतेरसर के शुभ अवसर पर खरीदना अशुभ माना जाता है। तो आइए जानते हैं इसके पौराणिक मान्यताएं और धार्मिक कारण के बारे में-
धनतेरस पर लोहा खरीदना क्यों माना जाता है अशुभ?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लोहे का संबंध शनिदेव से माना जाता है। शनिदेव को न्याय और कर्मफल का देवता कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि धनतेरस जैसे शुभ अवसर पर लोहे की वस्तुएं खरीदने से शनिदेव की अशुभ दृष्टि का प्रभा पड़ सकता है। इसी कारण कुछ लोग धनतेरस पर लोहे के बर्तन, औजार, चाकू या अन्य लोहे की वस्तुएं खरीदने से परहेज करते हैं।हालांकि, यह एक पारंपरिक धार्मिक मान्यता है और सभी क्षेत्रों में इसका पालन एक जैसा नहीं किया जाता।
धनतेरस पर कांच की वस्तुएं खरीदने से क्यों बचते हैं?
कांच को नाजुक और आसानी से टूटने वाली वस्तु माना जाता है। धार्मिक और लोक मान्यताओं में टूटने वाली चीजों को अशुभता तथा अस्थिरता से जोड़कर देखा जाता है। इसी वजह से कुछ लोग धनतेरस पर कांच के बर्तन, सजावटी सामान और अन्य कांच की वस्तुएं खरीदने से बचते हैं। मान्यता है कि त्योहार के शुभ अवसर पर ऐसी वस्तुएं खरीदने के बजाय टिकाऊ और उपयोगी चीजें घर लानी चाहिए, जो स्थिरता और समृद्धि का प्रतीक हों।
धनतेरस पर खरीदारी करते समय रखें इन बातों का ध्यान
धनतेरस पर खरीदारी करते समय अपनी जरूरत और बजट को प्राथमिकता दें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुभ वस्तुएं खरीदना अच्छा माना जाता है, लेकिन किसी वस्तु को खरीदने या न खरीदने का निर्णय व्यक्तिगत आस्था और सुविधा पर निर्भर करता है। धनतेरस का वास्तविक संदेश केवल वस्तुएं खरीदना नहीं, बल्कि परिवार में स्वास्थ्य, खुशहाली और सकारात्मकता बनाए रखना भी है। इस दिन भगवान धन्वंतरि की पूजा करें, जरूरतमंदों की सहायता करें और घर में सुख-शांति की कामना करें।
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