Edited By Sarita Thapa,Updated: 06 Feb, 2026 04:21 PM

घर का बेडरूम वह पवित्र कोना होता है जहां हम दिन भर की थकान के बाद सुकून की तलाश करते हैं। लेकिन बेड के ठीक सामने स्थित वॉशरूम आपकी शांति में खलल डाल सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम राहु और नकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है, जबकि बेड...
Vastu Remedies for Bedroom : घर का बेडरूम वह पवित्र कोना होता है जहां हम दिन भर की थकान के बाद सुकून की तलाश करते हैं। लेकिन बेड के ठीक सामने स्थित वॉशरूम आपकी शांति में खलल डाल सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, बाथरूम राहु और नकारात्मक ऊर्जा का स्रोत माना जाता है, जबकि बेड विश्राम और नई ऊर्जा का प्रतीक है। जब ये दोनों आमने-सामने होते हैं, तो वहां से निकलने वाली दूषित हवा और ऊर्जा न केवल आपकी नींद को बाधित करती है, बल्कि यह धीरे-धीरे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं और तनाव का कारण भी बन सकती है। तो आइए जानते हैं कि कैसे बिना किसी तोड़-फोड़ के वास्तु उपायों को अपनाकर इस दोष को दूर कर सकते हैं और अपने जीवन में सकारात्मकता का संचार कर सकते हैं।
क्यों माना जाता है इसे दोषपूर्ण?
बाथरूम से निकलने वाली नमी और दूषित ऊर्जा हड्डियों, पाचन और सिरदर्द जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है। बेड के सामने बाथरूम होने से व्यक्ति को गहरी नींद नहीं आती और वह सुबह उठने पर खुद को थका हुआ महसूस करता है। यह स्थिति पति-पत्नी के बीच अनावश्यक विवाद और चिड़चिड़ेपन को भी बढ़ा सकती है।

बिना तोड़-फोड़ के आसान वास्तु उपाय
दरवाजा हमेशा बंद रखें: यह सबसे पहला और प्रभावी नियम है। उपयोग के बाद बाथरूम का दरवाजा तुरंत बंद कर दें ताकि उसकी नकारात्मक ऊर्जा कमरे में न फैले।
मोटे पर्दे का उपयोग: यदि दरवाजा बेड के ठीक सामने है, तो उस पर एक भारी और गहरे रंग का पर्दा लगा दें। यह एक सुरक्षा दीवार की तरह काम करेगा।
नमक का जादू: बाथरूम के एक कोने में कांच की कटोरी में डली वाला नमक भरकर रखें। यह नमक हवा से नमी और नकारात्मकता को सोख लेता है। हर 15 दिन में इस नमक को बदल दें।
बाथरूम की सफाई: सुनिश्चित करें कि बाथरूम हमेशा साफ और सूखा रहे। वहां से किसी भी प्रकार की दुर्गंध नहीं आनी चाहिए।
रंगों का चुनाव: बाथरूम के दरवाजे पर हल्का क्रीम या सफेद रंग करवाएं। डार्क रंगों से बचें।
वास्तु प्लांट: यदि जगह हो, तो बेडरूम और बाथरूम के बीच एक स्नेक प्लांट या मनी प्लांट रखें। यह हवा को शुद्ध करने और ऊर्जा को संतुलित करने में मदद करता है।

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ