Edited By Niyati Bhandari,Updated: 04 Feb, 2026 11:38 AM
Husband Wife Vastu: भारतीय संस्कृति में भोजन को केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि परब्रह्म का साक्षात स्वरूप माना गया है। प्राचीन काल से ही भोजन से जुड़े नियमों का पालन इसलिए किया जाता रहा है, क्योंकि इसका सीधा प्रभाव व्यक्ति के विचार,...
Husband Wife Vastu: भारतीय संस्कृति में भोजन को केवल पेट भरने का साधन नहीं, बल्कि परब्रह्म का साक्षात स्वरूप माना गया है। प्राचीन काल से ही भोजन से जुड़े नियमों का पालन इसलिए किया जाता रहा है, क्योंकि इसका सीधा प्रभाव व्यक्ति के विचार, व्यवहार और घर के वातावरण पर पड़ता है।
वास्तु शास्त्र के अनुसार, भोजन करते समय की गई कुछ सामान्य-सी दिखने वाली गलतियां भी पति-पत्नी के बीच तनाव, पारिवारिक कलह और आर्थिक अस्थिरता का कारण बन सकती हैं। इन्हीं में से एक है पति-पत्नी का एक ही थाली में भोजन करना और दूसरा बिस्तर पर बैठकर खाना खाना।
पति-पत्नी का एक ही थाली में भोजन करना क्यों माना गया है अशुभ?
आज के समय में कई पति-पत्नी प्रेम और अपनत्व के प्रतीक के रूप में एक ही थाली में भोजन करते हैं। हालांकि, वास्तु शास्त्र इसे शुभ नहीं मानता।
वास्तु के अनुसार, परिवार का मुखिया केवल पत्नी के प्रति ही नहीं, बल्कि पूरे परिवार के प्रति समान जिम्मेदारी रखता है। जब पति-पत्नी एक ही थाली में भोजन करते हैं, तो यह संकेत देता है कि घर का मुखिया बाकी सदस्यों की तुलना में पत्नी को विशेष प्राथमिकता दे रहा है।
इससे घर के अन्य सदस्यों के मन में उपेक्षा, असंतोष और ईर्ष्या की भावना जन्म लेती है। धीरे-धीरे यही भावना आपसी मतभेद, झगड़े और नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा देती है। परिणामस्वरूप घर का वातावरण अशांत हो जाता है और पारिवारिक संतुलन बिगड़ने लगता है।

क्या बिस्तर पर बैठकर खाना खाने से आती है गरीबी?
वास्तु शास्त्र में भोजन करने के स्थान को लेकर भी विशेष नियम बताए गए हैं। आजकल कई लोग टीवी देखते हुए या बिस्तर पर बैठे-बैठे भोजन करते हैं, जिसे वास्तु शास्त्र पूरी तरह निषिद्ध मानता है।
मान्यता है कि भोजन देवी अन्नपूर्णा का आशीर्वाद होता है। बिस्तर पर बैठकर खाना खाना देवी अन्नपूर्णा का अपमान माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, जो व्यक्ति बिस्तर पर भोजन करता है, उसके घर में मां लक्ष्मी की कृपा स्थायी रूप से नहीं रहती। इसका प्रभाव धीरे-धीरे आर्थिक जीवन पर पड़ता है और व्यक्ति को धन हानि, अस्थिरता और अभाव का सामना करना पड़ सकता है।

शांति और समृद्धि के लिए भोजन से जुड़े वास्तु नियम
घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख-शांति और आर्थिक समृद्धि बनाए रखने के लिए भोजन करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है—
हमेशा भोजन टेबल या आसन पर बैठकर खाना चाहिए।
सभी परिवारजन एक साथ बैठकर, लेकिन अपनी-अपनी थाली में भोजन करें।
भोजन से पहले ईश्वर को धन्यवाद या प्रार्थना करें।
भोजन को सम्मान के साथ ग्रहण करें और उसका अपमान न करें।
इन नियमों का पालन करने से न केवल पारिवारिक अनुशासन बढ़ता है, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा और आपसी सम्मान भी बना रहता है।

क्या कहते हैं वास्तु विशेषज्ञ?
वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, भोजन केवल शारीरिक ऊर्जा ही नहीं देता, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक ऊर्जा का भी प्रमुख स्रोत है। इसलिए भोजन से जुड़े नियमों की अनदेखी करना धीरे-धीरे जीवन में अव्यवस्था ला सकता है।
