Edited By Sarita Thapa,Updated: 30 Jan, 2026 12:42 PM

अक्सर हम अपने घर के अंदरूनी हिस्सों को सजाने में तो पूरी जान लगा देते हैं, लेकिन घर का वह कोना जो हमें बाहरी दुनिया और ताजी हवा से जोड़ता है यानी हमारी बालकनी उसे नजरअंदाज कर देते हैं।
Best Vastu Tips for Home Balcony : अक्सर हम अपने घर के अंदरूनी हिस्सों को सजाने में तो पूरी जान लगा देते हैं, लेकिन घर का वह कोना जो हमें बाहरी दुनिया और ताजी हवा से जोड़ता है यानी हमारी बालकनी उसे नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तु शास्त्र में बालकनी का महत्व किसी मुख्य द्वार से कम नहीं है, क्योंकि यह वह स्थान है जहां से प्राकृतिक ऊर्जा और प्रकाश हमारे निजी जीवन में प्रवेश करते हैं। एक व्यवस्थित बालकनी जहां मानसिक शांति का केंद्र बन सकती है, वहीं वास्तु के नियमों की अनदेखी इसे नकारात्मक ऊर्जा का भंडार भी बना सकती है। यदि आपकी बालकनी में रखा कबाड़, मुरझाए हुए पौधे या गलत दिशा में रखी कुर्सियां आपके जीवन में तनाव या आर्थिक तंगी ला रही हैं, तो अब वक्त है थोड़े बदलाव का। तो आइए जानते हैं कि कैसे कुछ सरल वास्तु सुधारों के जरिए अपनी बालकनी को सकारात्मकता, स्वास्थ्य और समृद्धि का एक पावरहाउस बना सकते हैं।
सही दिशा का चुनाव
वास्तु के अनुसार, घर की बालकनी के लिए सबसे उत्तम दिशा उत्तर या पूर्व मानी जाती है। इस दिशा में बालकनी होना सबसे शुभ है क्योंकि यहां से सुबह की सूर्य किरणें और ताजी हवा आती है, जो परिवार के स्वास्थ्य के लिए अच्छी होती है। यदि संभव हो तो दक्षिण या पश्चिम दिशा में बालकनी बनाने से बचें, और यदि है, तो उसे हमेशा भारी गमलों या पर्दों से संतुलित करें।
पौधों का चुनाव और स्थान
हरियाली सकारात्मकता लाती है, लेकिन पौधों का चुनाव वास्तु के अनुसार होना चाहिए। बालकनी में तुलसी का पौधा, मनी प्लांट या खुशबूदार फूल रखना बहुत शुभ होता है। इन्हें हमेशा उत्तर या पूर्व दिशा में रखें। बालकनी में कभी भी कैक्टस या दूध निकालने वाले पौधे न लगाएं। ये घर में तनाव और विवाद पैदा कर सकते हैं। भारी और बड़े गमलों को हमेशा बालकनी के दक्षिण या पश्चिम कोने में रखें, ताकि उत्तर-पूर्व का हिस्सा खाली और हल्का रहे।

फर्नीचर की सही जगह
अगर आप बालकनी में बैठने के लिए कुर्सी या सोफा रखना चाहते हैं, तो बैठने की व्यवस्था हमेशा दक्षिण या पश्चिम दिशा की दीवार की तरफ करें। बैठते समय आपका मुख उत्तर या पूर्व की ओर होना चाहिए, यह मानसिक शांति प्रदान करता है।बालकनी में झूला लगाना बहुत अच्छा माना जाता है। वास्तु के अनुसार, झूला उत्तर या दक्षिण दिशा में इस तरह लगाएं कि झूलते समय आपका चेहरा पूर्व या उत्तर की ओर हो।
रोशनी और सजावट
शाम के समय बालकनी में हल्की और सुकून देने वाली रोशनी होनी चाहिए। उत्तर या पूर्व दिशा में एक छोटा दीया या बल्ब जलाना सौभाग्य को आमंत्रित करता है। बालकनी की दीवारों के लिए हल्के रंगों (जैसे क्रीम, हल्का नीला, या हल्का पीला) का चुनाव करें। गहरे और भड़कीले रंगों से बचें।
सफाई है सबसे जरूरी
बालकनी में कभी भी कबाड़, टूटा हुआ फर्नीचर या पुराने बर्तन न रखें। वास्तु के अनुसार, बालकनी में जमा गंदगी 'राहु' के दोष को बढ़ाती है, जिससे घर की बरकत रुक जाती है। इसे हमेशा साफ और व्यवस्थित रखें।

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