Edited By Sarita Thapa,Updated: 07 Feb, 2026 02:17 PM

गाड़ी हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है, जो न केवल यात्रा का साधन है बल्कि वास्तु के अनुसार एक गतिशील ऊर्जा का केंद्र भी है।
Vastu Tips for Car : गाड़ी हमारे जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है, जो न केवल यात्रा का साधन है बल्कि वास्तु के अनुसार एक गतिशील ऊर्जा का केंद्र भी है। अक्सर लोग सुरक्षा और सौभाग्य के लिए कार के डैशबोर्ड पर देवी-देवताओं की मूर्तियां रखते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार, यदि इन्हें सही नियम से न रखा जाए तो यह लाभ की जगह मानसिक अशांति या आर्थिक नुकसान का कारण बन सकता है। तो आइए जानते हैं गाड़ी में मूर्ति रखने से पहले वास्तु से जुड़े कुछ जरूरी नियम के बारे में-
मूर्ति की दिशा और मुख
सबसे सामान्य गलती मूर्ति को चालक की तरफ मुख करके रखना है। वास्तु के अनुसार, देवता का मुख हमेशा सामने होना चाहिए। भगवान को हमारे मार्गदर्शक के रूप में देखा जाता है। जब उनका मुख सामने की ओर होता है, तो वे आपके रास्ते की बाधाओं को दूर करते हैं और दृष्टि सुरक्षा प्रदान करती है।
खंडित या टूटी हुई मूर्ति न रखें
अक्सर धूप या गर्मी की वजह से कार में रखी प्लास्टिक या मिट्टी की मूर्तियां चटक जाती हैं या उनका रंग उड़ जाता है। कार में कभी भी खंडित, चिपकी हुई या बेरंग मूर्ति न रखें। यह नकारात्मक ऊर्जा पैदा करती है जिससे दुर्घटनाओं का भय और तनाव बढ़ता है। ऐसी मूर्ति को तुरंत पवित्र स्थान पर विसर्जित कर दें।

मूर्तियों की संख्या का ध्यान रखें
अपनी कार के डैशबोर्ड को मंदिर न बनाएं। वास्तु कहता है कि सीमित जगह में बहुत सारी मूर्तियां रखने से ऊर्जा में टकराव होता है। कोशिश करें कि केवल एक ही इष्टदेव की प्रतिमा हो। यदि आप एक से अधिक रखते हैं, तो ध्यान रहे कि वे एक-दूसरे के ठीक सामने न हों।
भगवान गणेश और हनुमान जी की मुद्रा
कार में सबसे ज्यादा गणेश जी और हनुमान जी की मूर्तियां रखी जाती हैं। यदि आप गणपति की मूर्ति रख रहे हैं, तो उनकी बैठी हुई मुद्रा और बाईं ओर मुड़ी हुई सूंड वाली प्रतिमा ही चुनें। यह स्थिरता प्रदान करती है। कार के लिए हमेशा आशीर्वाद देने वाली मुद्रा वाली छोटी प्रतिमा या चित्र सबसे उत्तम है।
साफ-सफाई और शुद्धता
कार एक ऐसी जगह है जहां हम जूते पहनकर बैठते हैं और कभी-कभी खान-पान भी करते हैं। मूर्ति के आसपास धूल जमा न होने दें। हर सुबह यात्रा शुरू करने से पहले एक साफ कपड़े से प्रतिमा को पोंछें। मूर्ति के पास कूड़ा या गंदे कपड़े न रखें।

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