Edited By Prachi Sharma,Updated: 21 Mar, 2026 01:38 PM

Vastu Tips for Kitchen : वास्तु शास्त्र के अनुसार, किचन घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसे घर का ऊर्जा केंद्र माना जाता है क्योंकि यहां बना भोजन पूरे परिवार को मानसिक और शारीरिक शक्ति प्रदान करता है। हिंदू धर्म में रसोई को मां अन्नपूर्णा का...
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Vastu Tips for Kitchen : वास्तु शास्त्र के अनुसार, किचन घर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। इसे घर का ऊर्जा केंद्र माना जाता है क्योंकि यहां बना भोजन पूरे परिवार को मानसिक और शारीरिक शक्ति प्रदान करता है। हिंदू धर्म में रसोई को मां अन्नपूर्णा का वास स्थान माना गया है। अक्सर हम अनजाने में किचन में कुछ ऐसी चीजें रख देते हैं जो नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं। वास्तु विज्ञान कहता है कि अगर रसोई में गलत चीजें रखी हों, तो मां लक्ष्मी और मां अन्नपूर्णा नाराज हो सकती हैं, जिससे घर में भयंकर दरिद्रता, गृह-क्लेश और स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।
टूटे हुए बर्तन
अक्सर लोग थोड़े से टूटे या चटके हुए बर्तनों का मोह नहीं छोड़ पाते और उन्हें इस्तेमाल करते रहते हैं। वास्तु शास्त्र में टूटे हुए बर्तनों को अशुभ ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत माना गया है। टूटे हुए बर्तन दरिद्रता को आमंत्रित करते हैं। माना जाता है कि इनमें भोजन करने या बनाने से परिवार के सदस्यों के बीच तनाव बढ़ता है और कर्ज की स्थिति पैदा होती है। यदि कोई प्लेट, कप या कढ़ाई हल्की सी भी चटक गई है, तो उसे तुरंत रसोई से बाहर निकाल दें। साफ और साबुत बर्तनों का उपयोग ही बरकत लाता है।
किचन में दवाइयां
किचन में अक्सर हम एक छोटा सा बॉक्स बना लेते हैं जिसमें प्राथमिक चिकित्सा या नियमित दवाइयां रखते हैं ताकि पानी पास में ही मिल जाए। लेकिन वास्तु के दृष्टिकोण से यह एक गंभीर दोष है। रसोई स्वास्थ्य और पोषण का प्रतीक है, जबकि दवाइयां बीमारी का। रसोई में दवाइयां रखने से घर के सदस्यों पर बीमारी का साया मंडराने लगता है। इससे घर का धन बीमारियों और अस्पताल के चक्करों में खर्च होने लगता है। दवाइयों को हमेशा लिविंग रूम या बेडरूम की किसी अलमारी में रखें। किचन को पूरी तरह से 'मेडिसिन फ्री' जोन बनाएं।
बेकार या फालतू सामान
कई घरों में किचन की अलमारियों के ऊपर या कोनों में पुराने डिब्बे, अखबार, रद्दी या ऐसी चीजें जमा कर दी जाती हैं जिनका उपयोग महीनों से नहीं हुआ होता। वास्तु के अनुसार, रसोई में कबाड़ रखना राहु दोष को निमंत्रण देता है। भारी और बेकार सामान ऊर्जा के प्रवाह को रोकता है। इससे घर के मुखिया की उन्नति रुक जाती है और बेवजह के खर्चे बढ़ जाते हैं। गंदी और अव्यवस्थित रसोई मानसिक अशांति का कारण बनती है। हर 15 दिन में अपनी रसोई की सफाई करें। जो सामान काम का नहीं है, उसे दान कर दें या फेंक दें। सिंक के नीचे भी कबाड़ इकट्ठा न होने दें।
शीशा या आईना
सजावट के चक्कर में कुछ लोग आधुनिक किचन में आईना लगा देते हैं। वास्तु के अनुसार, किचन में शीशा लगाना अग्नि और जल के संतुलन को बिगाड़ सकता है। यदि शीशे में चूल्हे की आग का प्रतिबिंब दिखता है, तो यह घर में अग्नि के तत्व को दोगुना कर देता है। इससे घर में झगड़े, दुर्घटना की संभावना और आर्थिक हानि हो सकती है। यह स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव डालता है। रसोई की दीवारों पर भूलकर भी शीशा न लगाएं। यदि लगा हुआ है, तो उसे तुरंत हटा दें या उसे किसी कपड़े से ढंक कर रखें।