Vat Savitri Vrat 2022: परिवार की सुख-समृद्धि व अखंड सुहाग के लिए करें ये उपाय

Edited By Niyati Bhandari, Updated: 14 Jun, 2022 10:16 AM

vat purnima vat savitri

ज्येष्ठ माह की पूर्णिमा को वट सावित्री के पूजन का विधान है। इस दिन महिलाएं दीर्घ सुखद वैवाहिक जीवन हेतु बरगद पूजन करती हैं। मान्यतानुसार सावित्री ने वट वृक्ष के नीचे पड़े

 
Vat Savitri Vrat 2022: ज्येष्ठ माह की अमावस्या को वट सावित्री के पूजन का विधान है। बहुत सारे स्थानों पर वट पूर्णिमा के दिन भी ये पर्व मनाया जाता है।  इस दिन महिलाएं दीर्घ सुखद वैवाहिक जीवन हेतु बरगद पूजन करती हैं। मान्यतानुसार सावित्री ने वट वृक्ष के नीचे पड़े अपने मृत पति सत्यवान को यमराज से जीता था। महिलाएं विधिविधान से वट पूजन करने के बाद ही जल ग्रहण करती हैं। शास्त्रानुसार बरगद को शिव स्वरूप माना गया है। प्राचीन ग्रंथ वृक्षायुर्वेद के अनुसार जो बरगद का वृक्ष लगाता है, वह शिव धाम को प्राप्त होता है। पाराशर मुनि के अनुसार- 'वट मूले तोपवासा' ऐसा कहा गया है।
 
PunjabKesari Vat Savitri Vrat 2020
 
इस दिन विधिपूर्वक बरगद वृक्ष के विशेष पूजन से हर कार्य में सफलता मिल सकती है।
 
PunjabKesari Vat Savitri Vrat 2020
 
पुराणों में यह स्पष्ट किया गया है कि वट में ब्रह्मा, विष्णु व महेश तीनों का वास है। अतः इस दिन किए गए उपाय व साधना सुहागन महिलाओं को विशेष फल देते हैं। 
 
PunjabKesari Vat Savitri Vrat 2020
 
अखंड सौभाग्य और आरोग्य के लिए वट सावित्री के उत्तम योग पर अपनाएं कुछ उपाय
बरगद के वृक्ष पर सूत को लाल व पीला करके लपेटने से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। 

अखण्ड सौभाग्य व परिवार की समृद्धि के लिए अक्षयवट की परिक्रमा करते समय 108 बार सफेद रंग का सूत लपेटें।

बरगद के वृक्ष की जड़ में मीठी लस्सी (मीठा दही) चढ़ाने से मंगल, शनि राहू जैसे अनिष्ट ग्रह शांत होते हैं। 
 
PunjabKesari Vat Savitri Vrat 2020

Related Story

Trending Topics

England

India

Match will be start at 08 Jul,2022 12:00 AM

img title img title

Everyday news at your fingertips

Try the premium service

Subscribe Now!